Akarmak kriya ke udaharan समझने से पहले इसकी परिभाषा जान लें: जिस क्रिया के साथ कर्म नहीं होता और जिसका फल सीधे कर्ता पर पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। अकर्मक शब्द "अ + कर्म" से बना है, यानी बिना कर्म के। जैसे बच्चा हँसता है, पत्ते गिरते हैं, चिड़िया उड़ती है।
कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद होते हैं: सकर्मक और अकर्मक। इस पेज पर अकर्मक क्रिया की परिभाषा, पहचान और ढेर सारे उदाहरण दिए गए हैं।
अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं (Akarmak kriya kise kahate hain)
जिन क्रियाओं के साथ कर्म नहीं होता और जिनका प्रभाव या फल कर्ता पर ही पड़ता है, उन्हें अकर्मक क्रिया कहते हैं।
अकर्मक क्रियाओं को अकर्मक धातु से बनी क्रियाएँ भी कहा जाता है। इनमें प्रायः ऐसे काम आते हैं जो कर्ता अपने शरीर या अपनी स्थिति से जुड़े रूप में करता है, जैसे सोना, जागना, हँसना, रोना, या ऐसी घटनाएँ जो अपने आप होती हैं, जैसे बारिश होना, फूल खिलना, पानी बहना। इनमें किसी दूसरी वस्तु की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए कर्म भी नहीं होता।
उदाहरण से समझें: राजू सो रहा है। यहाँ सोने का काम राजू कर रहा है और सोने का असर भी राजू पर ही है। किसी दूसरी वस्तु पर असर नहीं पड़ रहा, इसलिए सो रहा है अकर्मक क्रिया है।
अकर्मक क्रिया की पहचान कैसे करें
क्रिया से पहले क्या या किसे / किसको लगाकर प्रश्न करें। अगर कोई उत्तर न मिले, तो क्रिया अकर्मक है।
| वाक्य | प्रश्न | उत्तर | क्रिया |
|---|---|---|---|
| बच्चा रोता है। | क्या रोता है? | कोई उत्तर नहीं | अकर्मक |
| घोड़ा दौड़ता है। | क्या दौड़ता है? | कोई उत्तर नहीं | अकर्मक |
| सूरज चमकता है। | क्या चमकता है? | कोई उत्तर नहीं | अकर्मक |
| नेहा फल खाती है। | क्या खाती है? | फल | सकर्मक |
ध्यान दें: "कौन रोता है?" पूछने पर उत्तर (बच्चा) मिलेगा, पर वह कर्ता है, कर्म नहीं। कर्म के लिए प्रश्न हमेशा क्रिया के साथ "क्या" या "किसे" लगाकर करें।
प्रमुख अकर्मक क्रियाएँ
नीचे वे क्रियाएँ हैं जो प्रायः अकर्मक रूप में ही प्रयोग होती हैं:
| शरीर से जुड़ी | गति से जुड़ी | होने से जुड़ी |
|---|---|---|
| सोना, जागना | आना, जाना | होना, रहना |
| हँसना, रोना | दौड़ना, चलना | उगना, खिलना |
| उठना, बैठना | उड़ना, तैरना | बढ़ना, घटना |
| नहाना, थकना | गिरना, कूदना | चमकना, बरसना |
| डरना, शरमाना | घूमना, लौटना | पिघलना, सूखना |
अकर्मक क्रिया के 20 उदाहरण (Akarmak kriya ke udaharan)
- बच्चा पालने में सो रहा है।
- मोर बारिश में नाचता है।
- सुबह मुर्गा बोलता है।
- पेड़ से पत्ते गिर रहे हैं।
- बगीचे में फूल खिले हैं।
- दादी रोज़ सुबह टहलती हैं।
- बच्चे ज़ोर से हँसे।
- मछली पानी में तैरती है।
- आसमान में तारे चमकते हैं।
- भाई देर से उठा।
- बादल गरज रहे हैं।
- मैं कल गाँव जाऊँगा।
- धूप में बर्फ़ पिघल गई।
- खेत में गेहूँ उग आया।
- बिल्ली को देखकर चूहा डर गया।
- मेहमान शाम को आएँगे।
- बच्चा भूख से रो रहा है।
- पिताजी दफ़्तर से लौट आए।
- हम सब पार्क में बैठे।
- रात भर बारिश होती रही।
अकर्मक और सकर्मक क्रिया (Akarmak aur sakarmak kriya)
| आधार | अकर्मक क्रिया | सकर्मक क्रिया |
|---|---|---|
| कर्म | नहीं होता | होता है |
| फल किस पर | कर्ता पर | कर्म पर |
| क्या, किसे का उत्तर | नहीं मिलता | मिलता है |
| उदाहरण | पक्षी उड़ता है। | बच्चा पतंग उड़ाता है। |
अकर्मक से सकर्मक कैसे बनती है
कई अकर्मक क्रियाओं में "आ" या "वा" जोड़ने से वे सकर्मक या प्रेरणार्थक बन जाती हैं।
- उड़ना (अकर्मक) से उड़ाना (सकर्मक): बच्चा पतंग उड़ाता है।
- गिरना से गिराना: उसने गिलास गिराया।
- हँसना से हँसाना: जोकर ने बच्चों को हँसाया।
- सोना से सुलाना: माँ ने बच्चे को सुलाया।
- जगना से जगाना: अलार्म ने मुझे जगाया।
अकर्मक क्रिया में क्रिया कर्ता के अनुसार बदलती है
अकर्मक क्रिया में कर्म नहीं होता, इसलिए क्रिया का रूप हमेशा कर्ता के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलता है।
| कर्ता | वर्तमान | भूत | भविष्य |
|---|---|---|---|
| लड़का | लड़का दौड़ता है। | लड़का दौड़ा। | लड़का दौड़ेगा। |
| लड़की | लड़की दौड़ती है। | लड़की दौड़ी। | लड़की दौड़ेगी। |
| बच्चे | बच्चे दौड़ते हैं। | बच्चे दौड़े। | बच्चे दौड़ेंगे। |
अभ्यास: अकर्मक या सकर्मक
- कुत्ता भौंक रहा है।
- माँ सब्ज़ी काट रही है।
- बच्ची झूले से गिर गई।
- हवा तेज़ चल रही है।
- पिताजी ने पौधा लगाया।
उत्तर: 1. अकर्मक, 2. सकर्मक (सब्ज़ी), 3. अकर्मक, 4. अकर्मक, 5. सकर्मक (पौधा)।
सामान्य गलतियाँ
- वह बाज़ार गया में बाज़ार स्थान है, कर्म नहीं। इसलिए जाना अकर्मक है।
- पढ़ना, खेलना, लिखना कर्म के बिना आएँ तो अकर्मक जैसा प्रयोग होता है (वह पढ़ रहा है), पर कर्म के साथ सकर्मक (वह किताब पढ़ रहा है)।
- अकर्मक क्रिया के भूतकाल में कर्ता के साथ "ने" नहीं लगता: वह आया सही है, उसने आया गलत है। यह नियम कारक और काल दोनों से जुड़ा है।
याद रखने की ट्रिक
"क्या" पूछो, जवाब नहीं मिला, तो अकर्मक। जवाब मिल गया, तो सकर्मक। हर बार पूरा वाक्य पढ़कर ही निर्णय करें, क्योंकि एक ही क्रिया अलग वाक्यों में अलग प्रकार की हो सकती है। सोना, रोना, हँसना, आना, जाना जैसी "अपने आप" वाली क्रियाएँ प्रायः अकर्मक होती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अकर्मक क्रिया किसे कहते हैं? (akarmak kriya kise kahate hain)
जिस क्रिया के साथ कर्म नहीं होता और जिसका फल कर्ता पर ही पड़ता है, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे बच्चा सोता है, घोड़ा दौड़ता है, फूल खिलता है।
अकर्मक क्रिया के 10 उदाहरण बताइए।
बच्चा हँसता है, मोर नाचता है, पत्ते गिरते हैं, सूरज चमकता है, मछली तैरती है, चिड़िया उड़ती है, भाई सो गया, बादल गरजते हैं, मेहमान आए, बर्फ़ पिघल गई।
अकर्मक क्रिया की पहचान कैसे करें?
क्रिया से पहले क्या या किसे लगाकर प्रश्न करें। अगर उत्तर नहीं मिलता, तो क्रिया अकर्मक है। जैसे बच्चा रोता है, क्या रोता है, कोई उत्तर नहीं, इसलिए रोना अकर्मक है।
सकर्मक और अकर्मक क्रिया में क्या अंतर है?
सकर्मक क्रिया के साथ कर्म होता है और फल कर्म पर पड़ता है। अकर्मक क्रिया में कर्म नहीं होता और फल कर्ता पर पड़ता है। जैसे वह आम खाता है (सकर्मक), वह सोता है (अकर्मक)।
क्या एक ही क्रिया सकर्मक और अकर्मक दोनों हो सकती है?
हाँ। पढ़ना, खेलना, लिखना जैसी क्रियाएँ कर्म के बिना अकर्मक जैसी और कर्म के साथ सकर्मक होती हैं। जैसे बच्चे खेल रहे हैं (अकर्मक प्रयोग), बच्चे फुटबॉल खेल रहे हैं (सकर्मक)।