Muhavare (मुहावरे) ऐसे वाक्यांश होते हैं जो अपने साधारण शब्दार्थ को छोड़कर कोई विशेष अर्थ प्रकट करते हैं। जैसे "आँखों का तारा" का अर्थ आँख में चमकता तारा नहीं, बल्कि "बहुत प्यारा" होता है। इस पेज पर muhavare in hindi की परिभाषा, विशेषताएँ, वाक्य में प्रयोग करने का सही तरीका और 150 मुहावरों की अर्थ और वाक्य सहित सूची दी गई है।
Muhavare kise kahate hain: परिभाषा
परिभाषा: जो वाक्यांश अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष या लाक्षणिक अर्थ को प्रकट करता है, उसे मुहावरा कहते हैं।
"मुहावरा" अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या अभ्यास। हिंदी में इसके लिए "वाग्धारा" और "रोज़मर्रा" शब्द भी मिलते हैं। मुहावरे भाषा को सुंदर, असरदार और चुस्त बनाते हैं। एक छोटा सा मुहावरा पूरी बात को कम शब्दों में और गहरे प्रभाव के साथ कह देता है।
उदाहरण के लिए "वह बहुत मेहनत कर रहा है" की जगह "वह दिन-रात पसीना बहा रहा है" कहें, तो वाक्य अधिक जीवंत लगता है।
मुहावरे के उदाहरण: अर्थ और वाक्य
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| कमर कसना | किसी काम के लिए तैयार होना | परीक्षा पास आते ही अमित ने पढ़ाई के लिए कमर कस ली। |
| आँखों का तारा | बहुत प्यारा | छोटी नेहा अपने दादाजी की आँखों का तारा है। |
| आँख दिखाना | क्रोध से देखना, डराना | शरारत करते बच्चे को माँ ने आँख दिखाई तो वह चुप हो गया। |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना | पहाड़ की चोटी तक पहुँचना लोहे के चने चबाने जैसा था। |
| हाथ मलना | पछताना | बस छूट गई तो रोहित हाथ मलता रह गया। |
| अँगूठा दिखाना | समय पर साफ़ मना कर देना | मदद का वादा करके दुकानदार ने ऐन मौके पर अँगूठा दिखा दिया। |
| पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना | चोरी पकड़ी जाने पर वह पानी-पानी हो गया। |
| नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | सिपाही को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गया। |
मुहावरे की विशेषताएँ
- मुहावरा वाक्यांश होता है: यह पूरा वाक्य नहीं होता। इसका प्रयोग वाक्य के एक भाग के रूप में होता है, स्वतंत्र रूप से नहीं।
- विशेष अर्थ: मुहावरे का अर्थ उसके शब्दों के अर्थ से अलग होता है। "हाथ मलना" में हाथ रगड़ने की बात नहीं, पछताने की बात है।
- शब्द नहीं बदलते: मुहावरे के शब्दों की जगह पर्यायवाची नहीं रखे जा सकते। "आँख दिखाना" को "नेत्र दिखाना" लिखना गलत है।
- क्रिया का रूप बदलता है: वाक्य के लिंग, वचन और काल के अनुसार मुहावरे की क्रिया बदल जाती है। जैसे कमर कसना, कमर कस ली, कमर कसेंगे।
- प्रायः क्रिया से अंत: अधिकतर मुहावरों के अंत में "ना" वाली क्रिया होती है, जैसे होना, करना, देना, खाना।
- शरीर के अंगों पर अधिक: हिंदी के बहुत से मुहावरे आँख, हाथ, पैर, नाक, कान, सिर, मुँह जैसे अंगों पर बने हैं।
मुहावरों का वाक्य में प्रयोग कैसे करें
परीक्षा में प्रश्न आता है "निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए"। इसके लिए ये नियम याद रखें।
- अर्थ स्पष्ट हो: वाक्य ऐसा बनाएँ कि पढ़ने वाला बिना अर्थ देखे समझ जाए कि मुहावरे का अर्थ क्या है। "उसने कमर कसी" कमज़ोर वाक्य है। "दौड़ में जीतने के लिए उसने अभी से कमर कस ली है" अच्छा वाक्य है।
- मुहावरे के शब्द न बदलें: केवल क्रिया का रूप बदलें।
- अर्थ को वाक्य में न लिखें: "वह पछताया, यानी हाथ मलता रह गया" जैसा वाक्य न लिखें। मुहावरा अपने आप अर्थ दे।
- प्रसंग वाला वाक्य: कारण और परिणाम दोनों दिखाएँ, जैसे "समय पर पढ़ाई न करने से परिणाम आने पर वह हाथ मलता रह गया।"
सामान्य गलतियाँ
| गलत प्रयोग | सही प्रयोग | कारण |
|---|---|---|
| उसने नेत्र दिखाए। | उसने आँख दिखाई। | मुहावरे के शब्द नहीं बदलते |
| नेहा ने कमर कसा। | नेहा ने कमर कसी। | कमर स्त्रीलिंग है, क्रिया उसी के अनुसार |
| वह पानी-पानी हुआ, मतलब शर्मिंदा हुआ। | गलती पकड़ी जाने पर वह पानी-पानी हो गया। | अर्थ वाक्य में न लिखें |
| अंत भला तो सब भला (मुहावरा) | अंत भला तो सब भला (लोकोक्ति) | पूर्ण वाक्य लोकोक्ति होता है |
मुहावरे और लोकोक्ति में भ्रम बहुत होता है। इसका पूरा अंतर मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर पेज पर तालिका सहित समझाया गया है।
याद रखने की ट्रिक
- मुहावरों को अंगों के अनुसार समूह में याद करें: आँख पर मुहावरे, हाथ पर मुहावरे, पैर पर मुहावरे, नाक पर मुहावरे और कान पर मुहावरे।
- हर मुहावरे का एक चित्र मन में बनाएँ। "नौ दो ग्यारह" के लिए भागते हुए चोर की कल्पना करें।
- भाव के अनुसार भी समूह बनाएँ: क्रोध (आग बबूला होना, लाल-पीला होना), डर (होश उड़ जाना, प्राण सूख जाना), मेहनत (पसीना बहाना, आकाश-पाताल एक करना)।
- रोज़ दो मुहावरे लेकर अपनी बातचीत या डायरी में प्रयोग करें।
Muhavare class 10 और अन्य कक्षाओं के लिए
कक्षा 4 से 8 तक हिंदी व्याकरण में मुहावरों के अर्थ और वाक्य प्रयोग पूछे जाते हैं। कक्षा 9 और 10 में, विशेषकर हिंदी पाठ्यक्रम ब में, मुहावरे व्याकरण भाग का हिस्सा हैं। वहाँ प्रश्न प्रायः दो रूपों में आते हैं: वाक्य में प्रयोग, और उचित मुहावरे से रिक्त स्थान भरना। रिक्त स्थान वाले प्रश्नों का अभ्यास muhavare fill in the blanks पेज पर करें।
कक्षा के अनुसार छोटी सूचियाँ भी उपलब्ध हैं: 10 मुहावरे, 20 मुहावरे, 50 मुहावरे और 100 मुहावरे।
मुहावरा खोजें
किसी मुहावरे का अर्थ जानने के लिए नीचे खोज बॉक्स में उसे हिंदी या रोमन अक्षरों में लिखें।
Hindi muhavare list: अर्थ और वाक्य सहित
नीचे 150 प्रचलित मुहावरे उनके अर्थ और वाक्य प्रयोग के साथ दिए गए हैं।
| क्रम | मुहावरा | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | आँख का तारा | बहुत प्यारा | दादी अपने छोटे पोते को बहुत चाहती हैं, वह उनकी आँख का तारा है। |
| 2 | नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस की गाड़ी देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए। |
| 3 | नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | शरारती बंदरों ने पूरे मोहल्ले की नाक में दम कर रखा है। |
| 4 | आँखों में धूल झोंकना | धोखा देना | चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गया। |
| 5 | मुँह में पानी आना | किसी चीज़ को पाने या खाने का लालच आना | गरम जलेबियाँ देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया। |
| 6 | हाथ धो बैठना | खो देना | लापरवाही के कारण वह अपनी नौकरी से हाथ धो बैठा। |
| 7 | दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना | हमारे खिलाड़ियों ने मैच में विरोधी टीम के दाँत खट्टे कर दिए। |
| 8 | कमर कसना | किसी काम के लिए तैयार होना | परीक्षा पास आते ही रीना ने पढ़ाई के लिए कमर कस ली। |
| 9 | कान भरना | किसी के विरुद्ध चुगली करना | सीमा ने मेरी सहेली के कान भरकर हमारी दोस्ती तोड़ दी। |
| 10 | नाक कटना | इज़्ज़त जाना, बदनामी होना | परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर उसकी नाक कट गई। |
| 11 | कान पर जूँ न रेंगना | कुछ भी असर न होना | माँ ने बहुत समझाया, पर राजू के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी। |
| 12 | आग बबूला होना | बहुत क्रोधित होना | टूटा गमला देखकर दादाजी आग बबूला हो गए। |
| 13 | हाथ पीले करना | विवाह करना | किसान ने इस वर्ष अपनी बड़ी बेटी के हाथ पीले कर दिए। |
| 14 | दाँतों तले उँगली दबाना | आश्चर्य करना | जादूगर का अनोखा खेल देखकर सबने दाँतों तले उँगली दबा ली। |
| 15 | पैरों तले ज़मीन खिसकना | बहुत घबरा जाना, होश उड़ जाना | बटुआ खो जाने की बात सुनकर पिताजी के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। |
| 16 | अपने पैरों पर खड़ा होना | आत्मनिर्भर होना | पढ़ाई पूरी करके नेहा अपने पैरों पर खड़ी हो गई। |
| 17 | आँखें खुलना | सच्चाई का पता चलना, होश आना | कम अंक आने पर उसकी आँखें खुल गईं। |
| 18 | पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना | झूठ पकड़े जाने पर वह शर्म से पानी-पानी हो गया। |
| 19 | फूला न समाना | बहुत प्रसन्न होना | कक्षा में प्रथम आने पर रीता फूली न समाई। |
| 20 | टेढ़ी खीर | बहुत कठिन काम | इतने कम समय में पूरा पाठ याद करना टेढ़ी खीर है। |
| 21 | दाल में काला होना | संदेह की बात होना, गड़बड़ होना | आधी रात को बगीचे में रोशनी देखकर मुझे दाल में कुछ काला लगा। |
| 22 | दाल न गलना | सफल न होना, चाल न चलना | सतर्क चौकीदार के सामने चोरों की दाल नहीं गली। |
| 23 | तिल का ताड़ बनाना | छोटी बात को बहुत बढ़ा देना | रोहन हर छोटी बात का तिल का ताड़ बना देता है। |
| 24 | आग में घी डालना | झगड़ा या क्रोध और भड़काना | पड़ोसी ने उल्टी बातें कहकर भाइयों के झगड़े में आग में घी डाल दिया। |
| 25 | चार चाँद लगाना | शोभा बढ़ाना | रंग बिरंगी रोशनी ने विद्यालय के उत्सव में चार चाँद लगा दिए। |
| 26 | घोड़े बेचकर सोना | निश्चिंत होकर सोना | परीक्षा खत्म होते ही राहुल घोड़े बेचकर सो गया। |
| 27 | गागर में सागर भरना | थोड़े शब्दों में बहुत बड़ी बात कहना | कवि ने इन दो पंक्तियों में गागर में सागर भर दिया है। |
| 28 | खून पसीना एक करना | कठोर परिश्रम करना | किसान खेत में खून पसीना एक करके फसल उगाता है। |
| 29 | हाथ बँटाना | काम में सहायता करना | सोनू रोज़ रसोई के काम में माँ का हाथ बँटाता है। |
| 30 | हाथ मलना | पछताना | बस छूट जाने पर वह हाथ मलता रह गया। |
| 31 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | कुछ काम न करना, निठल्ला बैठना | परीक्षा पास है, पर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा है। |
| 32 | कान खड़े होना | सावधान हो जाना | रात में खटपट सुनकर चौकीदार के कान खड़े हो गए। |
| 33 | नाक रखना | इज़्ज़त बचाना | अंतिम गेंद पर चौका मारकर सुनील ने टीम की नाक रख ली। |
| 34 | छक्के छुड़ाना | बुरी तरह हराना, हिम्मत तोड़ देना | हमारे सैनिकों ने युद्ध में दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। |
| 35 | जले पर नमक छिड़कना | दुखी को और दुखी करना | हार के बाद मज़ाक उड़ाकर दोस्तों ने उसके जले पर नमक छिड़क दिया। |
| 36 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना | अपनी प्रशंसा स्वयं करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने वाले को कोई पसंद नहीं करता। |
| 37 | आस्तीन का साँप | धोखा देने वाला मित्र | जिसे हमने सच्चा दोस्त समझा, वह आस्तीन का साँप निकला। |
| 38 | अँगूठा दिखाना | साफ़ मना कर देना | ज़रूरत के समय उसके दोस्त ने अँगूठा दिखा दिया। |
| 39 | उँगली उठाना | दोष लगाना, आलोचना करना | ईमानदार व्यक्ति के काम पर कोई उँगली नहीं उठा सकता। |
| 40 | अक्ल पर पत्थर पड़ना | बुद्धि भ्रष्ट होना | उसकी अक्ल पर पत्थर पड़े थे, जो अजनबी को चाबी दे दी। |
| 41 | आँखें दिखाना | गुस्से से देखना, धमकाना | बच्चे ने शरारत की तो पिताजी ने उसे आँखें दिखाईं। |
| 42 | आँखें बिछाना | प्रेम से स्वागत करना | दादी अपने पोते की राह में आँखें बिछाए बैठी थीं। |
| 43 | आँख चुराना | सामने आने से कतराना | उधार न लौटाने के कारण श्याम अब मुझसे आँख चुराता है। |
| 44 | आँख लगना | नींद आ जाना | पढ़ते पढ़ते देर रात मेरी आँख लग गई। |
| 45 | आँखें भर आना | आँसू आ जाना | विदाई के समय सबकी आँखें भर आईं। |
| 46 | मुँह की खाना | बुरी तरह हारना | घमंडी पहलवान को अखाड़े में मुँह की खानी पड़ी। |
| 47 | सिर पर चढ़ाना | अधिक लाड़ से बिगाड़ देना | दादी ने लाड़ में पोते को सिर पर चढ़ा रखा है। |
| 48 | पेट में चूहे दौड़ना | बहुत भूख लगना | खेलकर लौटे तो सबके पेट में चूहे दौड़ रहे थे। |
| 49 | जान में जान आना | घबराहट दूर होना, राहत मिलना | खोया बच्चा मिलने पर माँ की जान में जान आई। |
| 50 | टस से मस न होना | अपनी बात पर अड़े रहना | सबने समझाया, पर वह अपनी ज़िद से टस से मस नहीं हुआ। |
| 51 | गुड़ गोबर करना | बना बनाया काम बिगाड़ देना | अंतिम समय पर गलती करके उसने सारा गुड़ गोबर कर दिया। |
| 52 | दूध का दूध पानी का पानी करना | ठीक ठीक न्याय करना | सरपंच ने दोनों की बात सुनकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। |
| 53 | भीगी बिल्ली बनना | डर से दब जाना | पिताजी को देखते ही शरारती राजू भीगी बिल्ली बन गया। |
| 54 | ईंट से ईंट बजाना | पूरी तरह नष्ट कर देना | वीर सैनिकों ने दुश्मन के ठिकानों की ईंट से ईंट बजा दी। |
| 55 | कलई खुलना | भेद खुल जाना, असलियत सामने आना | मिलावट करने वाले दुकानदार की कलई जल्दी ही खुल गई। |
| 56 | आसमान टूट पड़ना | अचानक बड़ी मुसीबत आना | पिता की नौकरी छूटने पर परिवार पर मानो आसमान टूट पड़ा। |
| 57 | आकाश पाताल एक करना | बहुत प्रयत्न करना | खोई अँगूठी ढूँढ़ने के लिए उसने आकाश पाताल एक कर दिया। |
| 58 | अपना उल्लू सीधा करना | अपना स्वार्थ पूरा करना | कुछ लोग मीठी बातें करके अपना उल्लू सीधा करते हैं। |
| 59 | आटे दाल का भाव मालूम होना | जीवन की कठिनाइयों का पता चलना | घर का खर्च चलाना पड़ा तो उसे आटे दाल का भाव मालूम हो गया। |
| 60 | हाथ साफ़ करना | चुरा लेना | भीड़ में किसी ने मेरे बटुए पर हाथ साफ़ कर दिया। |
| 61 | हाथ का मैल | तुच्छ वस्तु, विशेषकर धन | दादाजी कहते हैं कि पैसा तो हाथ का मैल है। |
| 62 | हाथ तंग होना | पैसों की कमी होना | इस महीने हाथ तंग होने के कारण हम मेला देखने नहीं जा सके। |
| 63 | हाथ लगना | प्राप्त होना, मिल जाना | पुरानी अलमारी की सफ़ाई में दादाजी की डायरी मेरे हाथ लगी। |
| 64 | हाथों हाथ | बहुत जल्दी, तुरंत | मेले में ठंडी लस्सी हाथों हाथ बिक गई। |
| 65 | हाथों के तोते उड़ना | घबरा जाना, होश उड़ जाना | बस में बटुआ गायब देखकर उसके हाथों के तोते उड़ गए। |
| 66 | हाथ-पाँव फूलना | घबरा जाना | मंच पर पहुँचते ही नए वक्ता के हाथ-पाँव फूल गए। |
| 67 | हाथ-पैर मारना | बहुत प्रयास करना | अच्छी नौकरी पाने के लिए उसने बहुत हाथ-पैर मारे। |
| 68 | दायाँ हाथ होना | सबसे भरोसेमंद सहायक होना | पुराने मुनीम जी सेठ जी का दायाँ हाथ हैं। |
| 69 | बाएँ हाथ का खेल | बहुत आसान काम | गणित के ऐसे सवाल हल करना मीना के लिए बाएँ हाथ का खेल है। |
| 70 | हाथ धोकर पीछे पड़ना | पूरी लगन से किसी के पीछे लग जाना | छोटा भाई नई साइकिल के लिए हाथ धोकर पीछे पड़ गया है। |
| 71 | पैर पसारना | फैल जाना, प्रभाव बढ़ाना | बरसात के बाद गाँव में बीमारी ने पैर पसार लिए। |
| 72 | पैर उखड़ना | हारकर भाग जाना, टिक न पाना | हमारी सेना के हमले से दुश्मन के पैर उखड़ गए। |
| 73 | पैर जमाना | अपनी स्थिति पक्की करना | नई दुकान ने कुछ ही महीनों में बाज़ार में पैर जमा लिए। |
| 74 | पैरों में बेड़ी पड़ना | बंधन में पड़ जाना | घर की ज़िम्मेदारियाँ आते ही उसके पैरों में बेड़ी पड़ गई। |
| 75 | पैर छूना | आदर से प्रणाम करना | परीक्षा देने जाने से पहले मैंने दादाजी के पैर छुए। |
| 76 | पैर पकड़ना | गिड़गिड़ाकर क्षमा माँगना | गलती पकड़ी जाने पर नौकर मालिक के पैर पकड़कर माफ़ी माँगने लगा। |
| 77 | पैर रखने की जगह न होना | बहुत भीड़ होना | मेले में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह नहीं थी। |
| 78 | उलटे पाँव लौटना | तुरंत वापस लौट जाना | दुकान बंद देखकर वह उलटे पाँव लौट आया। |
| 79 | पाँव ज़मीन पर न पड़ना | बहुत अधिक प्रसन्न होना या घमंड में रहना | पुरस्कार मिलने की खबर सुनकर उसके पाँव ज़मीन पर नहीं पड़ रहे थे। |
| 80 | एक पाँव पर खड़ा रहना | सेवा के लिए हर समय तैयार रहना | दादी की सेवा के लिए पूरा परिवार एक पाँव पर खड़ा रहता है। |
| 81 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | अपना नुकसान स्वयं करना | पढ़ाई बीच में छोड़कर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। |
| 82 | दबे पाँव आना | चुपके से आना | बिल्ली दबे पाँव रसोई में आई और दूध पी गई। |
| 83 | सिर पर पाँव रखकर भागना | बहुत तेज़ी से भागना | कुत्ते को भौंकते देखकर चोर सिर पर पाँव रखकर भागा। |
| 84 | दो नावों पर पैर रखना | एक साथ दो पक्षों या कामों से जुड़े रहना | दो नावों पर पैर रखने वाला अक्सर किसी काम में सफल नहीं होता। |
| 85 | नाक-भौं सिकोड़ना | नापसंदगी दिखाना | करेले की सब्ज़ी देखकर बच्चे नाक-भौं सिकोड़ने लगे। |
| 86 | नाक का बाल होना | बहुत प्रिय और विश्वासपात्र होना | मोहन अपने मालिक की नाक का बाल बना हुआ है। |
| 87 | नाक रगड़ना | गिड़गिड़ाकर विनती करना | उसने बहुत नाक रगड़ी, फिर भी दुकानदार ने उधार नहीं दिया। |
| 88 | नाक ऊँची होना | सम्मान बढ़ना | बेटी के डॉक्टर बनने से पूरे परिवार की नाक ऊँची हो गई। |
| 89 | नाक का सवाल होना | इज़्ज़त का प्रश्न होना | यह मैच जीतना हमारे विद्यालय के लिए नाक का सवाल है। |
| 90 | नाकों चने चबवाना | बहुत परेशान करना, कड़ा मुकाबला कराना | छोटी सी टीम ने बड़ी टीम को नाकों चने चबवा दिए। |
| 91 | नाक पर गुस्सा रहना | बात बात पर क्रोध आना | हमारे पड़ोसी की नाक पर हमेशा गुस्सा रहता है। |
| 92 | नाक में नकेल डालना | वश में करना | नए प्रधानाचार्य ने शरारती छात्रों की नाक में नकेल डाल दी। |
| 93 | नाक की सीध में चलना | बिना मुड़े सीधे आगे चलते जाना | नाक की सीध में चलते जाओ, डाकघर सामने मिलेगा। |
| 94 | नाक नीची होना | अपमानित होना | चोरी की बात फैलने से पूरे परिवार की नाक नीची हो गई। |
| 95 | नाक कटाना | बदनामी करवाना | सड़क पर झगड़ा करके तुमने पूरे परिवार की नाक कटा दी। |
| 96 | नाक से लकीरें खींचना | गिड़गिड़ाकर क्षमा माँगना | पकड़े जाने पर चोर ने नाक से लकीरें खींचकर माफ़ी माँगी। |
| 97 | नाक पर मक्खी न बैठने देना | बहुत स्वाभिमानी होना, किसी का ज़रा भी एहसान न लेना | दादाजी नाक पर मक्खी नहीं बैठने देते, वे किसी से उधार नहीं लेते। |
| 98 | कान खोलना | सावधान कर देना | पिताजी ने अनजान लोगों से बचकर रहने के लिए मेरे कान खोल दिए। |
| 99 | कान का कच्चा | बिना जाँचे दूसरों की बात मान लेने वाला | हमारा मुखिया कान का कच्चा है, हर किसी की बात मान लेता है। |
| 100 | कान लगाना | ध्यान से सुनना | बच्चे कान लगाकर दादी की कहानी सुन रहे थे। |
| 101 | कान पकड़ना | गलती मानकर फिर न करने का वचन देना | राजू ने कान पकड़कर कहा कि वह फिर झूठ नहीं बोलेगा। |
| 102 | कानों कान खबर न होना | किसी को भी पता न चलना | बच्चों ने जन्मदिन की तैयारी की, पर माँ को कानों कान खबर नहीं हुई। |
| 103 | कान काटना | बढ़कर होना, मात देना | छोटा भाई चतुराई में बड़ों के भी कान काटता है। |
| 104 | कान खाना | बहुत बोलकर परेशान करना | चुप हो जाओ, सुबह से मेरे कान खा रहे हो। |
| 105 | कान में तेल डालना | बात अनसुनी करना | मैंने कई बार पुकारा, पर वह तो कान में तेल डालकर बैठा है। |
| 106 | कान उमेठना | सज़ा देना, कड़ी चेतावनी देना | शरारत करने पर अध्यापक ने उसके कान उमेठे। |
| 107 | कानों पर हाथ रखना | किसी बात से साफ़ इनकार करना | घड़ी के बारे में पूछने पर उसने कानों पर हाथ रख लिए। |
| 108 | एक कान से सुनना दूसरे से निकाल देना | बात पर ध्यान न देना | वह हर सलाह एक कान से सुनता है और दूसरे से निकाल देता है। |
| 109 | कान पक जाना | एक ही बात सुनते सुनते ऊब जाना | तुम्हारी शिकायतें सुनते सुनते मेरे कान पक गए। |
| 110 | कान फटना | बहुत तेज़ आवाज़ से कष्ट होना | पटाखों के शोर से कान फटे जा रहे थे। |
| 111 | आँखों का काँटा | बहुत खटकने वाला व्यक्ति | ईमानदार चौकीदार चोरों की आँखों का काँटा बन गया। |
| 112 | आँखें फेर लेना | उपेक्षा करना, पहले जैसा प्रेम न रखना | पैसा आते ही उसने पुराने दोस्तों से आँखें फेर लीं। |
| 113 | आँखें पथरा जाना | प्रतीक्षा करते करते थक जाना | बेटे की राह देखते देखते माँ की आँखें पथरा गईं। |
| 114 | आँख मूँदकर विश्वास करना | बिना सोचे समझे भरोसा करना | किसी अनजान व्यक्ति पर आँख मूँदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। |
| 115 | आँखों पर पर्दा पड़ना | सच्चाई दिखाई न देना | लालच के कारण उसकी आँखों पर पर्दा पड़ गया था। |
| 116 | आँखों में खटकना | बुरा लगना | मोहन की सफलता उसके ईर्ष्यालु साथियों की आँखों में खटकती है। |
| 117 | आँखें खोलना | सच्चाई बताकर सावधान करना | अध्यापक की बातों ने आलसी छात्रों की आँखें खोल दीं। |
| 118 | आँखों से गिरना | सम्मान खो देना | बार बार झूठ बोलकर वह सबकी आँखों से गिर गया। |
| 119 | मुँह फुलाना | नाराज़ होना | खिलौना न मिलने पर छोटी बहन मुँह फुलाकर बैठ गई। |
| 120 | मुँहतोड़ जवाब देना | करारा जवाब देना | सैनिकों ने दुश्मन के हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया। |
| 121 | मुँह में दही जमना | चुप रहना | पूछने पर वह कुछ नहीं बोला, मानो उसके मुँह में दही जमा हो। |
| 122 | सिर आँखों पर रखना | आदर से स्वीकार करना | बड़ों की हर अच्छी सलाह हम सिर आँखों पर रखते हैं। |
| 123 | सिर पर आसमान उठाना | बहुत शोर मचाना | शिक्षक के जाते ही बच्चों ने कक्षा में सिर पर आसमान उठा लिया। |
| 124 | पानी सिर से ऊपर गुज़रना | सहनशक्ति की सीमा पार हो जाना | जब पानी सिर से ऊपर गुज़र गया, तब माँ ने उसे कड़ी डाँट लगाई। |
| 125 | ओखली में सिर देना | जान बूझकर संकट में पड़ना | तैरना जाने बिना गहरे पानी में उतरकर उसने ओखली में सिर दे दिया। |
| 126 | दाँत काटी रोटी होना | गहरी मित्रता होना | रमेश और सुरेश में दाँत काटी रोटी है। |
| 127 | पेट में दाढ़ी होना | कम उम्र में अधिक समझदार होना | छोटा बच्चा ऐसी समझदारी की बातें करता है, मानो पेट में दाढ़ी हो। |
| 128 | दिल बाग-बाग होना | बहुत प्रसन्न होना | बेटे की सफलता देखकर माँ का दिल बाग-बाग हो गया। |
| 129 | कलेजा मुँह को आना | बहुत घबरा जाना | बच्चे को सड़क की ओर दौड़ते देखकर माँ का कलेजा मुँह को आ गया। |
| 130 | छाती पर साँप लोटना | ईर्ष्या से जलना | पड़ोसी का नया घर देखकर उसकी छाती पर साँप लोट गया। |
| 131 | उँगलियों पर नचाना | पूरी तरह अपने वश में रखना | चालाक मुनीम ने भोले सेठ को उँगलियों पर नचा रखा है। |
| 132 | पीठ दिखाना | हारकर भाग जाना | वीर सैनिक युद्ध में कभी पीठ नहीं दिखाते। |
| 133 | टाँग अड़ाना | बेवजह दखल देना | वह दूसरों के काम में बेवजह टाँग अड़ाता है। |
| 134 | बाल बाँका न होना | कुछ भी हानि न होना | इतनी बड़ी दुर्घटना में भी बच्चे का बाल भी बाँका नहीं हुआ। |
| 135 | बाल की खाल निकालना | बेकार में बहुत बारीकी से दोष निकालना | वह हर छोटी बात में बाल की खाल निकालता है। |
| 136 | घुटने टेकना | हार मान लेना | लगातार हार के बाद दुश्मन ने घुटने टेक दिए। |
| 137 | कंधे से कंधा मिलाना | मिलकर साथ काम करना | गाँव के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर सड़क बनाई। |
| 138 | एड़ी चोटी का ज़ोर लगाना | पूरी शक्ति लगा देना | प्रथम आने के लिए उसने एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया। |
| 139 | चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना | डर से घबरा जाना | चोरी पकड़ी जाने पर उसके चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगीं। |
| 140 | कुएँ का मेंढक | सीमित ज्ञान वाला व्यक्ति | खूब पुस्तकें पढ़ो, कुएँ के मेंढक बनकर मत रहो। |
| 141 | ख्याली पुलाव पकाना | कोरी कल्पनाएँ करना | मेहनत किए बिना ख्याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होगा। |
| 142 | गिरगिट की तरह रंग बदलना | बार बार अपनी बात बदलना | वह गिरगिट की तरह रंग बदलता है, उस पर भरोसा मत करो। |
| 143 | चिकना घड़ा होना | किसी बात का असर न होना | उसे कितना भी समझाओ, वह तो चिकना घड़ा है। |
| 144 | तारे गिनना | चिंता में जागकर रात काटना | बहुत चिंता के कारण वह रात भर तारे गिनता रहा। |
| 145 | थाली का बैंगन | लाभ देखकर पक्ष बदलने वाला | थाली के बैंगन जैसे लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। |
| 146 | पापड़ बेलना | बहुत कष्ट उठाना | इस मुकाम तक पहुँचने के लिए उसने बहुत पापड़ बेले हैं। |
| 147 | रंग में भंग पड़ना | आनंद में बाधा पड़ना | अचानक बारिश से पिकनिक के रंग में भंग पड़ गया। |
| 148 | लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना | इस कठिन परीक्षा में पास होना लोहे के चने चबाने जैसा है। |
| 149 | लोहा मानना | श्रेष्ठता स्वीकार करना | पूरी कक्षा उसकी गणित की प्रतिभा का लोहा मानती है। |
| 150 | सोने पर सुहागा | अच्छी वस्तु में और अच्छाई जुड़ जाना | सुंदर घर के सामने बगीचा भी है, यह तो सोने पर सुहागा है। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Muhavare kise kahate hain?
जो वाक्यांश अपने सामान्य शब्दार्थ को छोड़कर कोई विशेष अर्थ प्रकट करता है, उसे मुहावरा कहते हैं। जैसे आँखों का तारा का अर्थ है बहुत प्यारा। मुहावरा अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है बातचीत या अभ्यास।
मुहावरे की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
विशेष अर्थ प्रकट करने वाले वाक्यांश को मुहावरा कहते हैं। उदाहरण: हाथ मलना, अर्थ पछताना। वाक्य: बस छूट गई तो रोहित हाथ मलता रह गया।
मुहावरे की क्या विशेषताएँ हैं?
मुहावरा वाक्यांश होता है, इसका प्रयोग वाक्य के भाग के रूप में होता है। इसका अर्थ शब्दार्थ से अलग होता है, इसके शब्द पर्यायवाची से नहीं बदले जाते, पर क्रिया का रूप लिंग, वचन और काल के अनुसार बदलता है।
मुहावरे का वाक्य में प्रयोग कैसे करें?
ऐसा वाक्य बनाएँ जिससे मुहावरे का अर्थ अपने आप स्पष्ट हो जाए। मुहावरे के शब्द न बदलें, केवल क्रिया का रूप वाक्य के अनुसार बदलें। अर्थ को वाक्य में अलग से न लिखें।
कक्षा 10 में मुहावरे के प्रश्न किस प्रकार आते हैं?
कक्षा 10 में प्रायः मुहावरों का वाक्य में प्रयोग करने और उचित मुहावरे से रिक्त स्थान भरने के प्रश्न आते हैं। कई बार विकल्प दिए जाते हैं, जिनमें से सही मुहावरा चुनना होता है।