Jativachak sangya यानी जातिवाचक संज्ञा वह संज्ञा है जो किसी एक चीज़ का नहीं, बल्कि उस प्रकार की सभी चीज़ों का बोध कराती है। यहाँ "जाति" का अर्थ है एक जैसे गुण वाली चीज़ों का वर्ग, जैसे सभी लड़के, सभी नदियाँ, सभी पेड़।
यह संज्ञा का सबसे बड़ा भेद है, क्योंकि हमारी भाषा के अधिकतर नाम जातिवाचक ही होते हैं।
जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा
परिभाषा: जिस संज्ञा शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी या स्थान की पूरी जाति, वर्ग या प्रकार का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
जैसे "गाय" शब्द से किसी एक गाय का नहीं, बल्कि संसार की सभी गायों का बोध होता है। इसी तरह "किताब", "शहर", "नदी", "डॉक्टर" जातिवाचक संज्ञा हैं।
जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं: एक उदाहरण से समझें
जब हम कहते हैं "मुझे एक किताब चाहिए", तो कोई भी किताब दी जा सकती है। "किताब" शब्द सभी किताबों पर लागू होता है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है। पर "पंचतंत्र" एक विशेष पुस्तक का नाम है, इसलिए वह व्यक्तिवाचक संज्ञा है।
जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण
| वर्ग | जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण |
|---|---|
| मनुष्य और रिश्ते | लड़का, लड़की, आदमी, औरत, बच्चा, माँ, भाई, दोस्त |
| पेशे | शिक्षक, डॉक्टर, किसान, सिपाही, दर्ज़ी, ड्राइवर |
| पशु और पक्षी | गाय, कुत्ता, शेर, हाथी, तोता, कबूतर, मोर |
| वस्तुएँ | किताब, पेन, कुर्सी, मेज़, घड़ी, बस्ता, बोतल |
| स्थान | शहर, गाँव, देश, बाज़ार, विद्यालय, अस्पताल |
| प्रकृति | नदी, पहाड़, पेड़, फूल, समुद्र, बादल, तारा |
| फल और सब्ज़ियाँ | आम, केला, सेब, आलू, टमाटर, गाजर |
जातिवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण वाक्य
- बच्चे पार्क में खेल रहे हैं।
- किसान खेत में हल चला रहा है।
- मोर बारिश में नाचता है।
- मेरी मेज़ पर तीन किताबें रखी हैं।
- डॉक्टर ने मरीज़ को दवा दी।
- पेड़ हमें छाया देते हैं।
- नदी के किनारे एक छोटा गाँव है।
- शिक्षक ने छात्रों को कहानी सुनाई।
- आम फलों का राजा कहलाता है।
- हमारे शहर में नया अस्पताल खुला है।
जातिवाचक संज्ञा के 40 उदाहरण: एक नज़र में
लड़का, लड़की, बच्चा, आदमी, औरत, माँ, पिता, दोस्त, शिक्षक, डॉक्टर, किसान, सिपाही, दर्ज़ी, गाय, बकरी, शेर, हाथी, घोड़ा, तोता, कबूतर, मोर, मछली, किताब, पेन, कुर्सी, मेज़, घड़ी, बस्ता, शहर, गाँव, देश, बाज़ार, विद्यालय, नदी, पहाड़, पेड़, फूल, आम, केला, बादल।
रोज़ के जीवन में जातिवाचक संज्ञा
सुबह उठकर हम जो कुछ देखते हैं, उनमें अधिकतर जातिवाचक संज्ञा हैं। बिस्तर, तकिया, खिड़की, दरवाज़ा, दाँत, ब्रश, साबुन, तौलिया, कप, थाली, रोटी, सब्ज़ी, सब जातिवाचक हैं। फिर हम बस से विद्यालय जाते हैं, कक्षा में बेंच पर बैठते हैं, बोर्ड पर लिखा पढ़ते हैं। यहाँ बस, विद्यालय, बेंच, बोर्ड भी जातिवाचक संज्ञा हैं। इससे समझ आता है कि भाषा में सबसे अधिक शब्द इसी भेद के होते हैं।
ध्यान रखें कि जातिवाचक संज्ञा के साथ विशेषण लगाकर उसे और स्पष्ट किया जाता है, जैसे लाल फूल, बड़ा पेड़, मेहनती किसान। फिर भी फूल, पेड़, किसान जातिवाचक ही रहते हैं।
जातिवाचक संज्ञा की पहचान
- शब्द किसी पूरे वर्ग पर लागू होता है, किसी एक नाम पर नहीं।
- इसका बहुवचन प्रायः बन जाता है, जैसे लड़का से लड़के, किताब से किताबें, नदी से नदियाँ। बहुवचन के नियम वचन पाठ में पढ़ें।
- इसके साथ "एक", "कई", "सभी", "हर" जैसे शब्द लग सकते हैं: एक गाय, कई पेड़, हर बच्चा।
- इसे गिना जा सकता है। जिसे गिना न जा सके, बल्कि तौला जाए, वह द्रव्यवाचक संज्ञा है।
3 भेद और 5 भेद वाली व्यवस्था
कुछ व्याकरण की किताबें संज्ञा के केवल 3 भेद मानती हैं। उनमें समूहवाचक संज्ञा (सेना, कक्षा) और द्रव्यवाचक संज्ञा (दूध, सोना) को जातिवाचक संज्ञा के ही उपभेद माना जाता है। अधिकतर स्कूली किताबें 5 भेद मानती हैं, जिसमें ये दोनों अलग भेद हैं।
जातिवाचक का व्यक्तिवाचक के रूप में प्रयोग
कभी-कभी एक जातिवाचक शब्द किसी एक विशेष व्यक्ति के लिए रूढ़ हो जाता है। तब वह व्यक्तिवाचक की तरह प्रयोग होता है। उदाहरण: "गोस्वामी जी के दोहे प्रसिद्ध हैं।" यहाँ "गोस्वामी" से कवि तुलसीदास का बोध होता है। इसी तरह गाँव में "पंडित जी" कहने पर किसी एक विशेष व्यक्ति का बोध होता है।
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक की तुलना
| जातिवाचक | व्यक्तिवाचक | भाववाचक |
|---|---|---|
| लड़का | आरव | लड़कपन |
| मित्र | अमन | मित्रता |
| बच्चा | तन्वी | बचपन |
| मनुष्य | कबीर | मनुष्यता |
जातिवाचक संज्ञा में प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई जाती है, जैसे मित्र + ता = मित्रता।
याद रखने की ट्रिक
"एक, कई, सभी लगाओ, जाति पहचानो।" अगर शब्द के आगे "कई" लगाकर वाक्य ठीक लगे, जैसे कई पेड़, कई लड़कियाँ, तो वह प्रायः जातिवाचक संज्ञा है। पर ध्यान रखें, "कई दूध" या "कई प्रेम" ठीक नहीं लगता, इसलिए दूध और प्रेम जातिवाचक नहीं हैं।
सामान्य गलतियाँ
- "आम", "गुलाब" को व्यक्तिवाचक समझना: आम सभी आमों का नाम है, इसलिए जातिवाचक है।
- "गाय" और "गायों का झुंड" को एक समझना: गाय जातिवाचक है, झुंड समूहवाचक है।
- पेशों को भाववाचक मानना: "शिक्षक" जातिवाचक है, "शिक्षा" भाववाचक।
अभ्यास प्रश्न
- सिपाही ने चोर को पकड़ा। (सिपाही, चोर: जातिवाचक)
- तोता पिंजरे में बैठा है। (तोता, पिंजरा: जातिवाचक)
- माली ने बगीचे में पौधे लगाए। (माली, बगीचा, पौधे: जातिवाचक)
- दादी ने थाली में रोटी परोसी। (दादी, थाली, रोटी: जातिवाचक)
- नेहा ने बाज़ार से फल खरीदे। (बाज़ार, फल: जातिवाचक, नेहा: व्यक्तिवाचक)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
जिस संज्ञा से किसी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी या स्थान की पूरी जाति या वर्ग का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे लड़का, नदी, शहर, गाय और किताब।
जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण क्या हैं?
लड़का, लड़की, शिक्षक, किसान, गाय, तोता, किताब, कुर्सी, शहर, गाँव, नदी, पहाड़, पेड़ और आम जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।
जातिवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या है?
जिस संज्ञा शब्द से एक ही प्रकार की सभी वस्तुओं, प्राणियों, व्यक्तियों या स्थानों का बोध हो, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। यह किसी एक विशेष नाम पर नहीं, पूरे वर्ग पर लागू होती है।
जातिवाचक और व्यक्तिवाचक संज्ञा में क्या अंतर है?
जातिवाचक संज्ञा पूरी जाति का नाम है, जैसे नदी, शहर। व्यक्तिवाचक संज्ञा उसी जाति के एक विशेष सदस्य का नाम है, जैसे कावेरी, जयपुर।
क्या समूहवाचक और द्रव्यवाचक संज्ञा जातिवाचक के अंदर आती हैं?
कुछ किताबों में संज्ञा के 3 भेद माने जाते हैं और उनमें समूहवाचक तथा द्रव्यवाचक को जातिवाचक के अंदर रखा जाता है। अधिकतर स्कूली किताबें 5 भेद मानती हैं, जिनमें ये दोनों अलग भेद हैं।