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विलोम और पर्यायवाची

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शब्द और व्याकरण

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संधि

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समास

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अलंकार, रस, छंद

Anupras alankarYamak alankarShlesh alankarUpma alankarRupak alankarUtpreksha alankarAtishyokti alankarManvikaran alankarBhrantiman alankarSandeh alankarAlankarShringar rasHasya rasKarun rasRaudra rasVeer rasBhayanak rasVibhats rasAdbhut rasShant rasVatsalya rasBhakti rasRasDohaChhand

उपसर्ग (Upsarg): परिभाषा, भेद और 50 उदाहरण

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदल दें या उसमें विशेषता लाएँ, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। जैसे: प्र + हार = प्रहार।

  • शब्द और व्याकरण
  • अपडेट: 11 Oct 2026

Upsarg kise kahate hain: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला देते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। जैसे "हार" शब्द के पहले "प्र" जोड़ने पर "प्रहार" बनता है और "वि" जोड़ने पर "विहार"। उपसर्ग का अपना स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता, ये हमेशा किसी मूल शब्द के साथ ही आते हैं।

उपसर्ग की परिभाषा (Upsarg ki paribhasha)

उपसर्ग दो शब्दों से बना है: उप (समीप) और सर्ग (सृष्टि करना)। अर्थात जो शब्दांश शब्द के समीप आकर नया शब्द बना दे, वह उपसर्ग है। उपसर्ग लगने से शब्द का अर्थ तीन तरह से बदल सकता है:

  • अर्थ उलट जाना: मान से अपमान, यश से अपयश।
  • अर्थ में विशेषता आना: बल से प्रबल, योग से प्रयोग।
  • अर्थ लगभग वही रहना: भ्रमण से परिभ्रमण, शुद्ध से संशुद्ध।

उपसर्ग के भेद (Upsarg ke bhed)

उत्पत्ति के आधार पर उपसर्ग के मुख्य रूप से तीन भेद माने जाते हैं: संस्कृत (तत्सम) उपसर्ग, हिंदी (तद्भव) उपसर्ग और उर्दू (आगत) उपसर्ग। कुछ पुस्तकें अंग्रेज़ी उपसर्गों (सब, हेड, वाइस: सब-इंस्पेक्टर, हेडमास्टर) को चौथा भेद मानती हैं।

1. संस्कृत (तत्सम) उपसर्ग

संस्कृत में 22 उपसर्ग माने जाते हैं। इनमें "अपि" का हिंदी में प्रयोग बहुत कम होता है, बाकी उपसर्ग खूब मिलते हैं।

उपसर्गअर्थउदाहरण
अतिअधिक, उस पारअत्यधिक, अतिरिक्त, अतिक्रमण
अधिऊपर, श्रेष्ठअधिकार, अधिपति, अध्यक्ष
अनुपीछे, समानअनुज, अनुसार, अनुकरण
अपबुरा, विपरीतअपमान, अपयश, अपहरण
अभिसामने, पासअभिमान, अभिनय, अभिशाप
अवनीचे, हीनअवगुण, अवनति, अवकाश
आतक, समेतआजीवन, आगमन, आरक्षण
उत्, उद्ऊपर, श्रेष्ठउन्नति, उत्कर्ष, उद्गम
उपनिकट, छोटाउपकार, उपवन, उपमंत्री
दुर्, दुस्बुरा, कठिनदुर्जन, दुर्गम, दुष्कर
निनीचे, भीतरनिवास, निबंध, नियुक्त
निर्, निस्रहितनिर्धन, निर्मल, निश्चल
पराउलटा, पीछेपराजय, पराक्रम, पराभव
परिचारों ओरपरिवार, परिक्रमा, पर्यावरण
प्रआगे, अधिकप्रगति, प्रचार, प्रस्थान
प्रतिहर एक, विरुद्धप्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रत्येक
विविशेष, भिन्नविज्ञान, विदेश, वियोग
सम्अच्छी तरह, साथसंगम, संतोष, संयोग
सुअच्छा, सरलसुगम, सुपुत्र, स्वागत

2. हिंदी (तद्भव) उपसर्ग

ये उपसर्ग प्रायः संस्कृत उपसर्गों के बदले हुए रूप हैं और तद्भव शब्दों के साथ लगते हैं।

उपसर्गअर्थउदाहरण
अनहीं, अभावअथाह, अजान, अछूता
अननहीं, बिनाअनपढ़, अनजान, अनमोल
अधआधाअधपका, अधमरा, अधखिला
उनएक कमउनतीस, उनचास, उन्नीस
औ, अवहीन, बुराऔगुन, औघट
क, कुबुराकपूत, कुचाल, कुढंग
दुबुरा, हीनदुबला, दुकाल
निरहितनिडर, निहत्था, निकम्मा
बिनबिनाबिनमाँगा, बिनखाया, बिनबोले
भरपूराभरपेट, भरपूर, भरसक
स, सुअच्छा, सहितसपूत, सुडौल, सजग

3. उर्दू (आगत) उपसर्ग

अरबी और फ़ारसी से आए ये उपसर्ग बोलचाल की हिंदी में बहुत प्रचलित हैं।

उपसर्गअर्थउदाहरण
कमथोड़ाकमज़ोर, कमउम्र, कमअक्ल
खुशअच्छाखुशबू, खुशहाल, खुशमिज़ाज
गैरभिन्न, नहींगैरहाज़िर, गैरकानूनी, गैरज़िम्मेदार
नानहींनापसंद, नासमझ, नालायक
बदबुराबदनाम, बदबू, बदतमीज़
बेबिनाबेईमान, बेघर, बेचैन
लानहींलापता, लापरवाह, लाजवाब
हमसाथ, समानहमउम्र, हमसफ़र, हमदर्द
हरप्रत्येकहरदिन, हरएक, हरघड़ी
सरमुख्यसरपंच, सरताज
बासहितबाइज़्ज़त, बाकायदा
बिलाबिनाबिलावजह, बिलाशक

उपसर्ग के 50 उदाहरण (50 examples of upsarg in hindi)

नीचे 50 शब्दों में उपसर्ग और मूल शब्द अलग करके दिखाए गए हैं। ध्यान दें कि कई बार उपसर्ग जुड़ते समय संधि के नियम से रूप बदल जाता है, जैसे सु + आगत = स्वागत।

क्रमशब्दउपसर्गमूल शब्दप्रकार
1अत्यधिकअतिअधिकसंस्कृत
2अधिकारअधिकारसंस्कृत
3अनुजअनुजसंस्कृत
4अपमानअपमानसंस्कृत
5अभिमानअभिमानसंस्कृत
6अवगुणअवगुणसंस्कृत
7आजीवनआजीवनसंस्कृत
8उन्नतिउत्नतिसंस्कृत
9उपकारउपकारसंस्कृत
10दुर्जनदुर्जनसंस्कृत
11दुष्करदुस्करसंस्कृत
12निवासनिवाससंस्कृत
13निर्धननिर्धनसंस्कृत
14निश्चलनिस्चलसंस्कृत
15पराजयपराजयसंस्कृत
16परिवारपरिवारसंस्कृत
17प्रगतिप्रगतिसंस्कृत
18प्रतिदिनप्रतिदिनसंस्कृत
19विदेशविदेशसंस्कृत
20संगमसम्गमसंस्कृत
21सुपुत्रसुपुत्रसंस्कृत
22स्वागतसुआगतसंस्कृत
23अतिरिक्तअतिरिक्तसंस्कृत
24अनुकरणअनुकरणसंस्कृत
25अवनतिअवनतिसंस्कृत
26आगमनआगमनसंस्कृत
27उपवनउपवनसंस्कृत
28दुर्गमदुर्गमसंस्कृत
29पराक्रमपराक्रमसंस्कृत
30परिक्रमापरिक्रमासंस्कृत
31प्रचारप्रचारसंस्कृत
32प्रतिकूलप्रतिकूलसंस्कृत
33वियोगवियोगसंस्कृत
34संतोषसम्तोषसंस्कृत
35अनपढ़अनपढ़हिंदी
36अधपकाअधपकाहिंदी
37उनतीसउनतीसहिंदी
38कपूतकपूतहिंदी
39कुचालकुचालहिंदी
40निडरनिडरहिंदी
41बिनमाँगाबिनमाँगाहिंदी
42भरपेटभरपेटहिंदी
43सपूतसपूतहिंदी
44अथाहअथाहहिंदी
45कमज़ोरकमज़ोरउर्दू
46नापसंदनापसंदउर्दू
47बदनामबदनामउर्दू
48बेईमानबेईमानउर्दू
49लापतालापताउर्दू
50हमउम्रहमउम्रउर्दू

किस शब्द में कौन सा उपसर्ग है

परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि किसी शब्द में कौन सा उपसर्ग है। कुछ प्रमुख शब्द:

शब्दउपसर्गमूल शब्द
पर्यावरणपरिआवरण (परि + आवरण, यण संधि)
सुगमसुगम
परिवर्तनपरिवर्तन
अवकाशअवकाश
कमज़ोरकमज़ोर
अभ्यागतअभि और आ (दो उपसर्ग)गत
अभिशापअभिशाप
प्रस्थानप्रस्थान
अपहरणअपहरण
प्रत्येकप्रतिएक

पर्यावरण और प्रत्येक में संधि भी है, इनका पूरा विच्छेद पर्यावरण का संधि विच्छेद और प्रत्येक का संधि विच्छेद पर देखें।

उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर

उपसर्गप्रत्यय
शब्द के आरंभ में लगता है।शब्द के अंत में लगता है।
उदाहरण: अप + मान = अपमानउदाहरण: मान + ई = मानी
अर्थ प्रायः बदल जाता है।शब्द का रूप और भेद प्रायः बदल जाता है।

एक ही शब्द में दोनों हो सकते हैं: अप + मान + इत = अपमानित, अ + सफल + ता = असफलता।

मूल शब्द और उपसर्ग अलग कैसे करें

  1. शब्द के आरंभ में ऊपर दी गई सूचियों का कोई उपसर्ग खोजिए।
  2. उसे हटाने पर बचा भाग सार्थक शब्द या धातु होना चाहिए। "प्रकाश" में प्र हटाने पर काश बचता है, जो धातु रूप है।
  3. संधि हुई हो तो पहले विच्छेद करें: अत्यंत = अति + अंत।

सामान्य गलतियाँ

  • हर शुरुआती अक्षर को उपसर्ग मान लेना। "अमर" में अ उपसर्ग है, पर "अनार" में अ उपसर्ग नहीं है।
  • "पर्यावरण" में "पर" या "परा" लिखना। सही उपसर्ग "परि" है।
  • "स्वागत" में "स्व" लिखना। सही उपसर्ग "सु" है।

शब्द निर्माण की पूरी समझ के लिए समास और विलोम शब्द भी पढ़ें, क्योंकि कई विलोम शब्द उपसर्ग से ही बनते हैं: मान और अपमान, यश और अपयश।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपसर्ग किसे कहते हैं?

जो शब्दांश शब्द के आरंभ में लगकर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। जैसे: अप + मान = अपमान, सु + पुत्र = सुपुत्र।

उपसर्ग के कितने भेद होते हैं?

उत्पत्ति के आधार पर उपसर्ग के तीन भेद हैं: संस्कृत (तत्सम), हिंदी (तद्भव) और उर्दू (आगत) उपसर्ग। कुछ पुस्तकें अंग्रेज़ी उपसर्गों को चौथा भेद मानती हैं।

पर्यावरण में कौन सा उपसर्ग है?

पर्यावरण में "परि" उपसर्ग है। परि + आवरण में यण संधि होकर पर्यावरण बनता है।

उपसर्ग और प्रत्यय में क्या अंतर है?

उपसर्ग शब्द के आरंभ में लगता है और प्रत्यय शब्द के अंत में। जैसे: अप + मान = अपमान (उपसर्ग), मान + ई = मानी (प्रत्यय)।

संस्कृत के कितने उपसर्ग होते हैं?

संस्कृत में 22 उपसर्ग माने जाते हैं, जैसे अति, अधि, अनु, अप, अभि, प्र, परि, वि, सम्, सु आदि। इनमें अपि का हिंदी में प्रयोग बहुत कम होता है।