Vakya ke bhed (वाक्य के भेद) दो आधारों पर किए जाते हैं: रचना के आधार पर और अर्थ के आधार पर। रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं: सरल, संयुक्त और मिश्र। अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं। इस पेज पर हर भेद की परिभाषा, उपवाक्य के भेद और example of mishra vakya के रूप में 15 उदाहरण तालिका में दिए गए हैं।
वाक्य किसे कहते हैं
शब्दों का वह सार्थक समूह, जिससे पूरा अर्थ प्रकट हो, वाक्य कहलाता है। वाक्य के दो अंग होते हैं: उद्देश्य (जिसके बारे में कहा जाए) और विधेय (जो कहा जाए)। जैसे: "बच्चे (उद्देश्य) मैदान में खेल रहे हैं (विधेय)।"
रचना के आधार पर वाक्य के भेद
| भेद | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| सरल वाक्य | एक उद्देश्य और एक मुख्य क्रिया | सूरज पूरब में उगता है। |
| संयुक्त वाक्य | दो या अधिक स्वतंत्र उपवाक्य, और, पर, किंतु, या, इसलिए से जुड़े | वह बाज़ार गया और फल ले आया। |
| मिश्र वाक्य | एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य, कि, जो, जब, यदि, क्योंकि से जुड़े | मैं जानता हूँ कि तुम ईमानदार हो। |
1. सरल वाक्य
जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो, अर्थात एक ही मुख्य क्रिया हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं। जैसे: दादी सुबह बगीचे में टहलती हैं। मेरी बहन गाना गाती है।
2. संयुक्त वाक्य
जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र (प्रधान) उपवाक्य किसी योजक से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं। हर उपवाक्य अपने आप में पूरा अर्थ देता है। जैसे: मैंने बहुत पढ़ाई की, पर अच्छे अंक नहीं आए। तुम चाय लोगे या दूध पियोगे। ऐसे उपवाक्यों को समानाधिकरण उपवाक्य भी कहते हैं।
3. मिश्र वाक्य (Mishra vakya meaning)
जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य हो और उस पर आश्रित एक या अधिक उपवाक्य हों, उसे मिश्र वाक्य या मिश्रित वाक्य कहते हैं। आश्रित उपवाक्य अकेले पूरा अर्थ नहीं देता। जैसे: "जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।" यहाँ "वह सफल होता है" प्रधान उपवाक्य है और "जो परिश्रम करता है" आश्रित उपवाक्य।
उपवाक्य किसे कहते हैं (Upvakya)
बड़े वाक्य का वह अंश, जिसमें अपना उद्देश्य और अपनी क्रिया हो, उपवाक्य कहलाता है। उपवाक्य के तीन भेद हैं:
- प्रधान उपवाक्य: जो किसी दूसरे पर निर्भर न हो और मुख्य बात कहे।
- आश्रित उपवाक्य: जो प्रधान उपवाक्य पर निर्भर हो।
- समानाधिकरण उपवाक्य: संयुक्त वाक्य के बराबर दर्जे वाले स्वतंत्र उपवाक्य।
आश्रित उपवाक्य के भेद
| भेद | काम | पहचान के शब्द | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| संज्ञा उपवाक्य | प्रधान उपवाक्य की क्रिया के कर्म या पूरक की तरह आता है | कि | उसने कहा कि वह कल आएगा। |
| विशेषण उपवाक्य | प्रधान उपवाक्य की संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है | जो, जिसका, जिसे, जिसमें | वह लड़की, जो गा रही है, मेरी बहन है। |
| क्रियाविशेषण उपवाक्य | प्रधान उपवाक्य की क्रिया का समय, स्थान, कारण, शर्त या रीति बताता है | जब, जहाँ, क्योंकि, यदि, जैसे, ज्यों ही | जब सूरज निकला, तब हम चल पड़े। |
संज्ञा उपवाक्य पहचानने के लिए संज्ञा, विशेषण उपवाक्य के लिए विशेषण और क्रियाविशेषण उपवाक्य के लिए क्रिया विशेषण का ज्ञान काम आता है।
मिश्र वाक्य के 15 उदाहरण (Example of mishra vakya)
| क्रम | मिश्र वाक्य | प्रधान उपवाक्य | आश्रित उपवाक्य | आश्रित उपवाक्य का भेद |
|---|---|---|---|---|
| 1 | माँ ने कहा कि जल्दी घर आना। | माँ ने कहा | जल्दी घर आना | संज्ञा उपवाक्य |
| 2 | मुझे विश्वास है कि तुम सफल होगे। | मुझे विश्वास है | तुम सफल होगे | संज्ञा उपवाक्य |
| 3 | शिक्षक ने बताया कि कल छुट्टी है। | शिक्षक ने बताया | कल छुट्टी है | संज्ञा उपवाक्य |
| 4 | पिताजी चाहते हैं कि मैं डॉक्टर बनूँ। | पिताजी चाहते हैं | मैं डॉक्टर बनूँ | संज्ञा उपवाक्य |
| 5 | जो लड़का कल आया था, वह मेरा मित्र है। | वह मेरा मित्र है | जो लड़का कल आया था | विशेषण उपवाक्य |
| 6 | वह पुस्तक कहाँ है, जो मैंने तुम्हें दी थी। | वह पुस्तक कहाँ है | जो मैंने तुम्हें दी थी | विशेषण उपवाक्य |
| 7 | जिस पेड़ पर फल लगे हैं, वह आम का है। | वह आम का है | जिस पेड़ पर फल लगे हैं | विशेषण उपवाक्य |
| 8 | वह घर, जिसमें हम रहते हैं, बहुत पुराना है। | वह घर बहुत पुराना है | जिसमें हम रहते हैं | विशेषण उपवाक्य |
| 9 | जब बारिश हुई, तब हम घर पर थे। | तब हम घर पर थे | जब बारिश हुई | क्रियाविशेषण उपवाक्य (काल) |
| 10 | जहाँ चाह होती है, वहाँ राह होती है। | वहाँ राह होती है | जहाँ चाह होती है | क्रियाविशेषण उपवाक्य (स्थान) |
| 11 | यदि तुम मेहनत करोगे, तो अवश्य सफल होगे। | तो अवश्य सफल होगे | यदि तुम मेहनत करोगे | क्रियाविशेषण उपवाक्य (शर्त) |
| 12 | वह विद्यालय नहीं आया, क्योंकि वह बीमार था। | वह विद्यालय नहीं आया | क्योंकि वह बीमार था | क्रियाविशेषण उपवाक्य (कारण) |
| 13 | ज्यों ही घंटी बजी, त्यों ही बच्चे बाहर दौड़ पड़े। | त्यों ही बच्चे बाहर दौड़ पड़े | ज्यों ही घंटी बजी | क्रियाविशेषण उपवाक्य (काल) |
| 14 | वह इतना थका था कि तुरंत सो गया। | वह इतना थका था | कि तुरंत सो गया | क्रियाविशेषण उपवाक्य (परिणाम) |
| 15 | जैसा बोओगे, वैसा काटोगे। | वैसा काटोगे | जैसा बोओगे | क्रियाविशेषण उपवाक्य (रीति) |
अर्थ के आधार पर वाक्य के 8 भेद
| भेद | क्या बताता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| विधानवाचक | किसी बात का होना | आज रविवार है। |
| निषेधवाचक | किसी बात का न होना | आज विद्यालय खुला नहीं है। |
| प्रश्नवाचक | प्रश्न पूछा जाना (अंत में प्रश्नवाचक चिह्न) | तुम कहाँ जा रहे हो? |
| आज्ञावाचक | आज्ञा, प्रार्थना या अनुरोध | कृपया दरवाज़ा बंद कर दीजिए। |
| इच्छावाचक | इच्छा, आशीर्वाद या शुभकामना | तुम्हारी यात्रा मंगलमय हो। |
| संदेहवाचक | संदेह या संभावना | शायद आज बारिश होगी। |
| संकेतवाचक | एक बात दूसरी पर निर्भर (शर्त) | यदि तुम आओगे, तो हम चलेंगे। |
| विस्मयादिबोधक | हर्ष, शोक, आश्चर्य जैसे भाव | वाह, कितना सुंदर बगीचा है |
विस्मयादिबोधक वाक्य के अंत में पूर्ण विराम की जगह विस्मयादिबोधक चिह्न लगाया जाता है। तालिका के उदाहरण को कॉपी में लिखते समय वाक्य के अंत में यही चिह्न लगाइए।
वाक्य रूपांतरण (Vakya rupantaran class 10)
अर्थ बदले बिना एक प्रकार के वाक्य को दूसरे प्रकार में बदलना वाक्य रूपांतरण कहलाता है।
| सरल वाक्य | संयुक्त वाक्य | मिश्र वाक्य |
|---|---|---|
| परिश्रम करके वह सफल हुआ। | उसने परिश्रम किया और सफल हुआ। | क्योंकि उसने परिश्रम किया, इसलिए वह सफल हुआ। |
| बीमार होने के कारण वह नहीं आया। | वह बीमार था, इसलिए नहीं आया। | वह नहीं आया, क्योंकि वह बीमार था। |
| ईमानदार व्यक्ति सबको प्रिय होता है। | व्यक्ति ईमानदार होता है, इसलिए सबको प्रिय होता है। | जो व्यक्ति ईमानदार होता है, वह सबको प्रिय होता है। |
| सूरज निकलते ही अँधेरा मिट गया। | सूरज निकला और अँधेरा मिट गया। | जैसे ही सूरज निकला, वैसे ही अँधेरा मिट गया। |
याद रखने की ट्रिक
- और, पर, किंतु, या, इसलिए, अथवा दिखें तो प्रायः संयुक्त वाक्य।
- कि, जो, जब, जहाँ, यदि, क्योंकि, ज्यों ही दिखें तो प्रायः मिश्र वाक्य।
- "कि" के बाद वाला उपवाक्य प्रायः संज्ञा उपवाक्य, "जो" वाला विशेषण उपवाक्य और "जब, जहाँ, यदि" वाला क्रियाविशेषण उपवाक्य।
सामान्य गलतियाँ
- "वह इतना थका था कि सो गया" में "कि" देखकर संज्ञा उपवाक्य मान लेना। यहाँ "इतना... कि" परिणाम बताता है, इसलिए यह क्रियाविशेषण उपवाक्य है।
- "इसलिए" वाले हर वाक्य को मिश्र मानना। "वह बीमार था, इसलिए नहीं आया" संयुक्त वाक्य है, क्योंकि दोनों भाग स्वतंत्र हैं।
- प्रधान उपवाक्य को हमेशा पहला भाग समझना। "जो मेहनत करता है, वह सफल होता है" में प्रधान उपवाक्य दूसरा भाग है।
वाक्य रचना के साथ वाच्य और काल का अभ्यास भी कीजिए, क्योंकि कक्षा 10 की परीक्षा में ये तीनों पाठ साथ पूछे जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिश्र वाक्य के उदाहरण क्या हैं?
जो लड़का कल आया था, वह मेरा मित्र है। माँ ने कहा कि जल्दी घर आना। यदि तुम मेहनत करोगे, तो सफल होगे। इन सभी में एक प्रधान और एक आश्रित उपवाक्य है।
मिश्र वाक्य का अर्थ क्या है?
मिश्र वाक्य वह वाक्य है जिसमें एक प्रधान उपवाक्य हो और उस पर निर्भर एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों। ये प्रायः कि, जो, जब, यदि, क्योंकि जैसे शब्दों से जुड़ते हैं।
उपवाक्य किसे कहते हैं?
बड़े वाक्य का वह अंश जिसमें अपना उद्देश्य और अपनी क्रिया हो, उपवाक्य कहलाता है। इसके भेद हैं: प्रधान, आश्रित और समानाधिकरण उपवाक्य।
आश्रित उपवाक्य के कितने भेद होते हैं?
आश्रित उपवाक्य के तीन भेद होते हैं: संज्ञा उपवाक्य, विशेषण उपवाक्य और क्रियाविशेषण उपवाक्य। संज्ञा उपवाक्य प्रायः "कि" से, विशेषण उपवाक्य "जो" से और क्रियाविशेषण उपवाक्य "जब, जहाँ, यदि" से शुरू होते हैं।
अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं?
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं: विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक और विस्मयादिबोधक।