Visheshan kise kahate hain: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। विशेषता का अर्थ है गुण, दोष, रंग, आकार, संख्या, मात्रा या किसी की ओर संकेत। जैसे हरा पेड़, तीन कलम, दो किलो चावल, यह बस्ता। इन वाक्यांशों में हरा, तीन, दो किलो और यह विशेषण हैं।
विशेषण एक विकारी शब्द है, यानी लिंग, वचन और कारक के अनुसार इसका रूप बदल सकता है, जैसे अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के। विकारी और अविकारी शब्दों का अंतर जानने के लिए विकारी और अविकारी शब्द पढ़ें।
विशेषण की परिभाषा (Visheshan ki paribhasha)
संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। विशेषण हमेशा किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ जुड़कर उसके बारे में कुछ खास बात बताता है।
- मेरी बहन होशियार है। (होशियार: बहन का गुण)
- टोकरी में पाँच आम हैं। (पाँच: आमों की संख्या)
- गिलास में थोड़ा दूध बचा है। (थोड़ा: दूध की मात्रा)
- वह साइकिल नई है। (वह: साइकिल की ओर संकेत)
विशेष्य किसे कहते हैं
विशेषण जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं। जैसे मीठा आम में मीठा विशेषण है और आम विशेष्य है। वह बहुत ईमानदार है में ईमानदार विशेषण है और वह (सर्वनाम) विशेष्य है।
विशेषण का प्रयोग दो तरह से होता है:
- विशेष्य से पहले (उद्देश्य विशेषण): नीला आसमान, ठंडा पानी।
- विशेष्य के बाद (विधेय विशेषण): आसमान नीला है। पानी ठंडा है।
प्रविशेषण किसे कहते हैं
जो शब्द विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें प्रविशेषण कहते हैं। जैसे यह फूल बहुत सुंदर है। यहाँ सुंदर विशेषण है और बहुत प्रविशेषण है, क्योंकि यह बताता है कि फूल कितना सुंदर है। अन्य प्रविशेषण: अत्यंत, बड़ा, बिलकुल, लगभग, ठीक, बहुत अधिक, थोड़ा सा।
विशेषण के भेद (Visheshan ke bhed)
Visheshan ke kitne bhed hote hain: NCERT और अधिकतर स्कूली व्याकरण की किताबों के अनुसार विशेषण के चार भेद होते हैं। कुछ किताबें व्यक्तिवाचक विशेषण (जैसे बनारसी साड़ी, जयपुरी रजाई) को पाँचवाँ भेद भी मानती हैं, पर परीक्षा में प्रायः चार भेद ही पूछे जाते हैं।
| भेद | क्या बताता है | पहचान का प्रश्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| गुणवाचक विशेषण | गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्वाद | कैसा, कैसी, कैसे | अच्छा, लाल, लंबा, मीठा |
| संख्यावाचक विशेषण | गिनती, क्रम | कितने, कौन सा | दस, पहला, दुगुना, कुछ |
| परिमाणवाचक विशेषण | माप, तौल, मात्रा | कितना, कितनी | दो लीटर, थोड़ा, ज़्यादा |
| सार्वनामिक विशेषण | संज्ञा की ओर संकेत | कौन सा, किस ओर | यह, वह, कोई, ऐसा |
1. गुणवाचक विशेषण
जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्वाद, गंध, समय या स्थान का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं। यह विशेषण का सबसे बड़ा भेद है।
- गुण: ईमानदार, दयालु, सच्चा, मेहनती
- दोष: आलसी, झूठा, कंजूस
- रंग: लाल, पीला, सफ़ेद
- आकार: लंबा, गोल, छोटा, चौड़ा
- स्वाद: मीठा, खट्टा, कड़वा
इस भेद को विस्तार से गुणवाचक विशेषण पेज पर पढ़ें।
2. संख्यावाचक विशेषण (Sankhya vachak visheshan)
जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। इसके दो उपभेद हैं:
- निश्चित संख्यावाचक: जिससे पक्की संख्या पता चले, जैसे चार किताबें, दूसरा लड़का, दुगुना काम, हर एक बच्चा।
- अनिश्चित संख्यावाचक: जिससे पक्की संख्या पता न चले, जैसे कुछ लोग, कई पक्षी, बहुत से बच्चे।
निश्चित संख्यावाचक के भी रूप होते हैं: गणनावाचक (एक, दो), क्रमवाचक (पहला, दूसरा), आवृत्तिवाचक (दुगुना, तिगुना), समुदायवाचक (दोनों, चारों) और प्रत्येकबोधक (हर, प्रत्येक)।
3. परिमाणवाचक विशेषण (Pariman vachak visheshan)
जो विशेषण किसी वस्तु की माप, तौल या मात्रा बताते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। ये प्रायः उन चीज़ों के साथ आते हैं जिन्हें गिना नहीं जाता, जैसे दूध, चीनी, कपड़ा।
- निश्चित परिमाणवाचक: दो किलो आटा, एक लीटर दूध, चार मीटर कपड़ा।
- अनिश्चित परिमाणवाचक: थोड़ी चीनी, बहुत पानी, ज़रा सा नमक।
4. सार्वनामिक विशेषण
जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है, तो वह सार्वनामिक विशेषण कहलाता है। इसे संकेतवाचक विशेषण भी कहते हैं। जैसे यह घर, वह पेड़, कोई बच्चा, कौन सी किताब। पूरी जानकारी के लिए सार्वनामिक विशेषण पढ़ें।
संख्यावाचक और परिमाणवाचक में अंतर
दोनों में गलती बहुत होती है। सीधा नियम है: जो चीज़ गिनी जाए, उसके साथ संख्यावाचक, और जो तौली या मापी जाए, उसके साथ परिमाणवाचक। कुछ बच्चे में कुछ संख्यावाचक है, पर कुछ दूध में कुछ परिमाणवाचक है। दो किलो में दो अकेला नहीं, पूरा "दो किलो" परिमाण बताता है।
विशेषण की तुलनात्मक अवस्थाएँ
जब दो या अधिक चीज़ों की तुलना की जाती है, तो विशेषण का रूप बदलता है। विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं:
| अवस्था | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| मूलावस्था | तुलना नहीं होती, सामान्य विशेषता | उच्च, अधिक, सुंदर |
| उत्तरावस्था | दो की तुलना में एक बढ़कर (तर) | उच्चतर, अधिकतर, सुंदरतर |
| उत्तमावस्था | सबसे बढ़कर (तम) | उच्चतम, अधिकतम, सुंदरतम |
उदाहरण वाक्य: रीना सुंदर लिखती है। मीना की लिखावट रीना से सुंदरतर है। कक्षा में सोनू की लिखावट सुंदरतम है। हिंदी के अपने शब्दों में "से अधिक" और "सबसे" लगाकर भी तुलना होती है, जैसे अमन से लंबा, सबसे लंबा। अन्य जोड़े: लघु, लघुतर, लघुतम। उत्तम स्वयं उत्तमावस्था का शब्द माना जाता है।
विशेषण के 10 उदाहरण (Visheshan ke udaharan)
- माँ ने स्वादिष्ट खीर बनाई। (गुणवाचक)
- मेरे पास तीन पेंसिलें हैं। (निश्चित संख्यावाचक)
- मैदान में कई बच्चे खेल रहे हैं। (अनिश्चित संख्यावाचक)
- बाज़ार से एक किलो टमाटर लाओ। (निश्चित परिमाणवाचक)
- दाल में थोड़ा नमक डालो। (अनिश्चित परिमाणवाचक)
- यह कुर्सी टूटी हुई है। (सार्वनामिक)
- हमारा पड़ोसी ईमानदार व्यक्ति है। (गुणवाचक)
- रेलगाड़ी का पहला डिब्बा खाली है। (क्रमवाचक संख्यावाचक)
- नदी का पानी गहरा है। (गुणवाचक)
- कोई आदमी दरवाज़े पर खड़ा है। (सार्वनामिक)
ध्यान दें: ईमानदार और लंबा जैसे शब्द गुणवाचक विशेषण हैं। ईमानदार गुण बताता है और लंबा आकार।
याद रखने की ट्रिक
- कैसा? का उत्तर मिले तो गुणवाचक।
- कितने? (गिनती) का उत्तर मिले तो संख्यावाचक।
- कितना? (माप, तौल) का उत्तर मिले तो परिमाणवाचक।
- संज्ञा से पहले यह, वह, कोई, कौन आए तो सार्वनामिक।
सामान्य गलतियाँ
- यह मेरा घर है में यह सर्वनाम है, विशेषण नहीं, क्योंकि यह के ठीक बाद संज्ञा नहीं आई। यह घर मेरा है में यह सार्वनामिक विशेषण है।
- क्रिया की विशेषता बताने वाला शब्द विशेषण नहीं, क्रिया विशेषण होता है, जैसे वह तेज़ दौड़ता है।
- सुंदर, लंबा जैसे विशेषणों के विलोम भी विशेषण ही होते हैं, जैसे सुंदर का विलोम कुरूप और लंबा का विलोम छोटा।
विशेषण वर्कशीट (Visheshan worksheet)
नीचे दिए वाक्यों में विशेषण छाँटिए और उसका भेद लिखिए। यह अभ्यास कक्षा 3, 4 और 5 के लिए उपयोगी है।
- बगीचे में पीले फूल खिले हैं।
- मुझे दो लीटर दूध चाहिए।
- वह लड़का मेरा दोस्त है।
- कक्षा में चालीस विद्यार्थी हैं।
- दादी बहुत दयालु हैं।
उत्तर: 1. पीले (गुणवाचक), 2. दो लीटर (निश्चित परिमाणवाचक), 3. वह (सार्वनामिक), 4. चालीस (निश्चित संख्यावाचक), 5. दयालु (गुणवाचक), बहुत (प्रविशेषण)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशेषण किसे कहते हैं? (visheshan kise kahate hain)
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। जैसे काली गाय में काली विशेषण है। विशेषता में गुण, संख्या, मात्रा और संकेत सब शामिल हैं।
विशेषण के कितने भेद होते हैं? (visheshan ke kitne bhed hote hain)
विशेषण के चार भेद होते हैं: गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक और सार्वनामिक विशेषण। कुछ किताबें व्यक्तिवाचक विशेषण को अलग भेद मानती हैं, पर स्कूली परीक्षा में चार भेद ही मान्य हैं।
ईमानदार शब्द में कौन सा विशेषण है?
ईमानदार गुणवाचक विशेषण है, क्योंकि यह व्यक्ति के गुण को बताता है। इसी तरह लंबा भी गुणवाचक विशेषण है, क्योंकि यह आकार बताता है।
परिमाणवाचक विशेषण किसे कहते हैं?
जो विशेषण किसी वस्तु की माप, तौल या मात्रा बताते हैं, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे दो किलो चावल, थोड़ा पानी। इसके दो उपभेद हैं: निश्चित और अनिश्चित परिमाणवाचक।
विशेष्य और प्रविशेषण में क्या अंतर है?
विशेषण जिस शब्द की विशेषता बताता है, वह विशेष्य है, जैसे मीठा आम में आम। जो शब्द विशेषण की विशेषता बताए, वह प्रविशेषण है, जैसे बहुत मीठा में बहुत।