Samuh vachak sangya यानी समूहवाचक संज्ञा वह संज्ञा है जो अनेक व्यक्तियों, प्राणियों या वस्तुओं के एक समूह को एक ही नाम से बताती है। जैसे बहुत सारे सैनिक मिलकर "सेना" बनाते हैं, बहुत सारे विद्यार्थी मिलकर "कक्षा" बनाते हैं।
यह संज्ञा का चौथा भेद है। कुछ पुरानी किताबों में इसे अलग भेद न मानकर जातिवाचक संज्ञा के अंदर ही रखा जाता है, पर अधिकतर स्कूली किताबें इसे अलग भेद मानती हैं।
समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा
परिभाषा: जिस संज्ञा शब्द से किसी एक व्यक्ति या वस्तु का नहीं, बल्कि व्यक्तियों, प्राणियों या वस्तुओं के समूह या समुदाय का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।
ध्यान दीजिए: समूहवाचक शब्द दिखने में एक शब्द है, पर उसके अंदर कई सदस्य होते हैं। "परिवार" एक शब्द है, पर उसमें माँ, पिता, भाई, बहन, दादा, दादी सब आ जाते हैं।
समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं: उदाहरण से समझें
मान लीजिए मैदान में बहुत सारी भेड़ें चर रही हैं। हम हर भेड़ को अलग-अलग गिनने के बजाय कहते हैं "भेड़ों का झुंड चर रहा है।" यहाँ "भेड़" जातिवाचक है, पर "झुंड" समूहवाचक संज्ञा है, क्योंकि यह पूरे समूह का नाम है।
समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण: किसका समूह क्या कहलाता है
| समूहवाचक संज्ञा | किसका समूह | उदाहरण वाक्य |
|---|---|---|
| सेना | सैनिकों का | सेना सीमा की रक्षा करती है। |
| कक्षा | विद्यार्थियों का | पूरी कक्षा पिकनिक पर गई। |
| परिवार | घर के सदस्यों का | हमारा परिवार छोटा है। |
| भीड़ | लोगों का | मेले में बहुत भीड़ थी। |
| झुंड | पशुओं या पक्षियों का | हाथियों का झुंड नदी पर आया। |
| गुच्छा | अंगूर, चाबियों या फूलों का | माँ ने अंगूर का गुच्छा धोया। |
| गट्ठर | लकड़ियों या घास का | किसान सिर पर घास का गट्ठर लाया। |
| ढेर | पत्थरों, अनाज या कपड़ों का | आँगन में गेहूँ का ढेर लगा है। |
| दल / टीम | खिलाड़ियों या लोगों का | हमारी टीम मैच जीत गई। |
| सभा | बैठे हुए लोगों का | सोमवार को विद्यालय में सभा होगी। |
| समिति | चुने हुए सदस्यों का | समिति ने नया नियम बनाया। |
| मंडली | गायकों या कलाकारों का | गायक मंडली ने लोकगीत गाए। |
| जुलूस | चलते हुए लोगों का | स्वतंत्रता दिवस पर जुलूस निकला। |
| बारात | विवाह में जाने वालों का | बारात शाम को पहुँची। |
| कतार / पंक्ति | एक के पीछे खड़े लोगों का | बच्चे कतार में खड़े हैं। |
| जनता | देश या नगर के लोगों का | जनता ने सफ़ाई अभियान में भाग लिया। |
समूहवाचक संज्ञा के 40 उदाहरण: एक नज़र में
सेना, कक्षा, परिवार, भीड़, झुंड, गुच्छा, गट्ठर, ढेर, दल, टीम, सभा, समिति, मंडली, जुलूस, बारात, कतार, पंक्ति, जनता, संघ, समाज, संस्था, गिरोह, टोली, काफ़िला, कारवाँ, मेला, पुलिस, पंचायत, संसद, सम्मेलन, गोष्ठी, संगठन, वर्ग, गण, श्रेणी, समूह, जत्था, खेप, बेड़ा, संग्रह।
समूहवाचक संज्ञा की पहचान
- शब्द एक है, पर उसके अर्थ में अनेक सदस्य छिपे हैं।
- प्रायः इसके साथ "का" लगाकर पूछा जा सकता है: किसका झुंड, किसका गुच्छा, किसका ढेर।
- एक समूह की बात हो तो क्रिया एकवचन में आती है: "भीड़ जमा हो गई", "सेना आगे बढ़ी"। कई समूहों की बात हो तो बहुवचन बनता है: "दोनों सेनाएँ आमने-सामने थीं"। एकवचन और बहुवचन के नियम वचन पाठ में देखें।
पशु-पक्षियों और वस्तुओं के समूह के विशेष नाम
हिंदी में अलग-अलग चीज़ों के समूह के लिए अलग शब्द चलते हैं। लिखते समय सही शब्द चुनना अच्छी भाषा की पहचान है।
- गायों, भेड़ों, हाथियों, हिरणों का झुंड या रेवड़ (भेड़-बकरियों के लिए)
- मधुमक्खियों का छत्ता, टिड्डियों का दल
- ऊँटों के साथ चलते यात्रियों का कारवाँ या काफ़िला
- जहाज़ों का बेड़ा, बच्चों की टोली, तीर्थयात्रियों का जत्था
- पुस्तकों का संग्रह, कागज़ों का पुलिंदा, फूलों का गुलदस्ता
जातिवाचक और समूहवाचक में अंतर
| जातिवाचक (एक सदस्य) | समूहवाचक (पूरा समूह) |
|---|---|
| सैनिक | सेना |
| विद्यार्थी | कक्षा |
| खिलाड़ी | टीम |
| भेड़ | झुंड |
| अंगूर | गुच्छा |
| लकड़ी | गट्ठर |
समूहवाचक संज्ञा का प्रयोग करते समय यह भी देखें कि समूह किसका है। "लोगों का झुंड" कहने के बजाय "लोगों की भीड़" कहना अधिक स्वाभाविक है, और "पशुओं की भीड़" के बजाय "पशुओं का झुंड"।
याद रखने की ट्रिक
"एक नाम, अनेक सदस्य।" अगर किसी शब्द को सुनते ही आपके मन में बहुत सारे लोग या चीज़ें एक साथ दिखें, जैसे भीड़, सेना, गुच्छा, तो वह समूहवाचक संज्ञा है। अगर केवल एक सदस्य दिखे, जैसे सैनिक, अंगूर, तो वह जातिवाचक है।
सामान्य गलतियाँ
- "सैनिक" को समूहवाचक लिखना: सैनिक एक व्यक्ति है, इसलिए जातिवाचक है। "सेना" समूहवाचक है।
- "भीड़ आ गए" लिखना: सही वाक्य है "भीड़ आ गई", क्योंकि एक समूह के साथ क्रिया एकवचन में आती है।
- "जनता" को बहुवचन मानना: "जनता जाग गई है" सही है, "जनता जाग गए हैं" गलत।
- "लोग" को समूहवाचक मानना: "लोग" अपने आप में बहुवचन शब्द है, जबकि समूहवाचक संज्ञा प्रायः एकवचन की तरह चलती है।
अभ्यास प्रश्न
नीचे के वाक्यों से समूहवाचक संज्ञा छाँटिए। उत्तर कोष्ठक में हैं।
- पक्षियों का झुंड आकाश में उड़ रहा है। (झुंड)
- हमारी कक्षा ने चित्रकला प्रतियोगिता जीती। (कक्षा)
- दादाजी के पास चाबियों का गुच्छा है। (गुच्छा)
- गाँव की पंचायत ने कुआँ बनवाया। (पंचायत)
- नाटक मंडली ने सुंदर नाटक दिखाया। (मंडली)
- सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी है। (कतार)
- बच्चों की टोली गली में गाते हुए निकली। (टोली)
- मधुमक्खियों का छत्ता पेड़ पर लटका है। (छत्ता)
संज्ञा के अन्य भेद: द्रव्यवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?
जिस संज्ञा शब्द से व्यक्तियों, प्राणियों या वस्तुओं के समूह का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे सेना, कक्षा, भीड़, झुंड, परिवार और गुच्छा।
समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण क्या हैं?
सेना, कक्षा, परिवार, भीड़, झुंड, गुच्छा, गट्ठर, ढेर, दल, टीम, सभा, समिति, मंडली, जुलूस, बारात, कतार और जनता समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।
समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या है?
जिस संज्ञा से किसी एक व्यक्ति या वस्तु का नहीं, बल्कि उनके पूरे समूह या समुदाय का बोध हो, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। यह शब्द एक होता है पर उसमें अनेक सदस्य होते हैं।
क्या समूहवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा का भेद है?
कुछ व्याकरण की किताबें संज्ञा के 3 भेद मानती हैं और समूहवाचक को जातिवाचक का उपभेद बताती हैं। अधिकतर स्कूली किताबें संज्ञा के 5 भेद मानती हैं, जिनमें समूहवाचक एक अलग भेद है।
समूहवाचक संज्ञा के साथ क्रिया एकवचन में आती है या बहुवचन में?
एक समूह की बात हो तो क्रिया एकवचन में आती है, जैसे "भीड़ जमा हो गई" और "सेना आगे बढ़ी"। एक से अधिक समूह हों तो बहुवचन रूप बनता है, जैसे "दोनों टीमें मैदान में उतरीं"।