Sarvanamik visheshan यानी सार्वनामिक विशेषण, विशेषण का चौथा भेद है। जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा के ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तब वह सर्वनाम न रहकर विशेषण बन जाता है। ऐसे शब्दों को सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे यह किताब, वह पेड़, कोई बच्चा।
नाम से ही समझ आता है: सर्वनाम से बना विशेषण, यानी सार्वनामिक विशेषण। इसे संकेतवाचक विशेषण भी कहा जाता है, क्योंकि यह संज्ञा की ओर संकेत करता है। विशेषण के सभी भेद एक साथ समझने के लिए विशेषण का मुख्य पेज पढ़ें।
सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं (Sarvanamik visheshan kise kahate hain)
परिभाषा: जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
पहचान का सबसे आसान तरीका है कि सर्वनाम शब्द के ठीक बाद कोई संज्ञा आए। अगर संज्ञा आती है, तो वह शब्द विशेषण है। अगर संज्ञा नहीं आती और शब्द खुद संज्ञा की जगह खड़ा है, तो वह सर्वनाम है।
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर
| सर्वनाम (संज्ञा की जगह) | सार्वनामिक विशेषण (संज्ञा से पहले) |
|---|---|
| यह मेरी किताब है। | यह किताब मेरी है। |
| वह बाज़ार गया है। | वह लड़का बाज़ार गया है। |
| कोई आया है। | कोई मेहमान आया है। |
| कौन गा रहा है? | कौन बच्चा गा रहा है? |
| कुछ खा लो। | कुछ फल खा लो। |
बाएँ कॉलम में शब्द संज्ञा की जगह आया है, इसलिए वह सर्वनाम है। दाएँ कॉलम में वही शब्द संज्ञा से पहले आया है, इसलिए वह सार्वनामिक विशेषण है। विशेषण जिस संज्ञा की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं, जैसे यह किताब में किताब विशेष्य है।
सार्वनामिक विशेषण के भेद
व्युत्पत्ति (बनावट) के आधार पर सार्वनामिक विशेषण के दो भेद होते हैं:
1. मौलिक सार्वनामिक विशेषण
जो सर्वनाम अपने मूल रूप में, बिना बदले, संज्ञा से पहले आते हैं, उन्हें मौलिक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
- यह गाड़ी नई है।
- वह मकान पुराना है।
- कोई लड़की रो रही है।
- कौन आदमी दरवाज़े पर है?
- कुछ बच्चे पार्क में खेल रहे हैं।
2. यौगिक सार्वनामिक विशेषण
जो सर्वनाम अपना रूप बदलकर (प्रत्यय जुड़कर) संज्ञा से पहले आते हैं, उन्हें यौगिक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। ये प्रायः गुण, आकार या परिमाण का संकेत भी देते हैं।
| मूल सर्वनाम | यौगिक रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| यह | ऐसा, इतना | ऐसा मौसम अच्छा लगता है। |
| वह | वैसा, उतना | वैसा कपड़ा मुझे भी चाहिए। |
| जो | जैसा, जितना | जितना पानी चाहिए, ले लो। |
| कौन | कैसा, कितना | कैसा खिलौना लोगे? |
सार्वनामिक विशेषण के 15 उदाहरण (Sarvanamik visheshan ke udaharan)
- यह घड़ी दादाजी की है।
- वह पेड़ बहुत ऊँचा है।
- कोई पक्षी छत पर बैठा है।
- कौन सी पेंसिल तुम्हारी है?
- कुछ लोग बस का इंतज़ार कर रहे हैं।
- ये आम बहुत मीठे हैं।
- वे विद्यार्थी खेल के मैदान में हैं।
- ऐसा दिन फिर नहीं आएगा।
- वैसी मिठाई मैंने कभी नहीं खाई।
- इतना सामान एक थैले में नहीं आएगा।
- उतनी दूर पैदल जाना कठिन है।
- जो लड़का प्रथम आया, उसे इनाम मिला।
- किस कक्षा में तुम पढ़ते हो?
- उस दुकान पर ताज़ी सब्ज़ियाँ मिलती हैं।
- इस गाँव में एक सुंदर तालाब है।
उदाहरण 13, 14 और 15 में किस, उस और इस भी सार्वनामिक विशेषण हैं। ये कौन, वह और यह के विकारी रूप हैं, जो कारक चिह्न (में, पर) आने पर बनते हैं।
कौन से सर्वनाम विशेषण नहीं बनते
सभी सर्वनाम विशेषण के रूप में प्रयोग नहीं होते। पुरुषवाचक सर्वनाम मैं, तू, हम, तुम और निजवाचक सर्वनाम आप (स्वयं के अर्थ में) संज्ञा से पहले विशेषण बनकर नहीं आते। मैं लड़का या तुम घर जैसा प्रयोग हिंदी में नहीं होता। सार्वनामिक विशेषण मुख्य रूप से निश्चयवाचक (यह, वह), अनिश्चयवाचक (कोई, कुछ), प्रश्नवाचक (कौन, क्या) और संबंधवाचक (जो) सर्वनामों से बनते हैं। सर्वनाम के भेद जानने के लिए पुरुषवाचक सर्वनाम पेज भी देखें।
अभ्यास प्रश्न
बताइए कि मोटे शब्द सर्वनाम हैं या सार्वनामिक विशेषण:
- वह मेरा भाई है।
- वह लड़का मेरा भाई है।
- कोई दरवाज़ा खटखटा रहा है।
- किस रंग की पेंसिल चाहिए?
उत्तर: 1. सर्वनाम, 2. सार्वनामिक विशेषण, 3. सर्वनाम, 4. सार्वनामिक विशेषण। दूसरे और चौथे वाक्य में मोटे शब्द के ठीक बाद संज्ञा (लड़का, रंग) आई है, इसलिए वहाँ ये शब्द विशेषण का काम कर रहे हैं।
याद रखने की ट्रिक
- सर्वनाम + संज्ञा = सार्वनामिक विशेषण (यह + कलम)।
- सर्वनाम अकेला = सर्वनाम (यह मेरी है)।
- वाक्य में से संज्ञा हटाकर देखें: अगर वाक्य अधूरा लगे और यह, वह उसी संज्ञा की ओर इशारा कर रहे हों, तो वे विशेषण थे।
सामान्य गलतियाँ
- कुछ शब्द हर बार सार्वनामिक विशेषण नहीं होता। कुछ बच्चे में इसे अनिश्चित संख्यावाचक और कुछ दूध में अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण भी माना जाता है। परीक्षा में प्रश्न के संदर्भ के अनुसार उत्तर दें।
- इतना, उतना अगर किसी क्रिया के साथ आएँ, जैसे वह इतना हँसा, तो वे विशेषण नहीं, क्रिया विशेषण हैं।
- ऐसा को गुणवाचक मान लेना आम गलती है। व्याकरण में यह यौगिक सार्वनामिक विशेषण है, क्योंकि यह यह सर्वनाम से बना है।
गुण बताने वाले विशेषणों के लिए गुणवाचक विशेषण पढ़ें। सर्वनाम और संज्ञा का मूल अंतर समझने के लिए संज्ञा पेज उपयोगी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सार्वनामिक विशेषण किसे कहते हैं? (sarvanamik visheshan kise kahate hain)
जो सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे यह कलम, वह घर, कोई आदमी। इसे संकेतवाचक विशेषण भी कहते हैं।
सार्वनामिक विशेषण के उदाहरण क्या हैं?
यह पुस्तक मेरी है, वह लड़का खेल रहा है, कोई पक्षी गा रहा है, कौन सी गाड़ी तुम्हारी है, ऐसा मौसम अच्छा लगता है। इन वाक्यों में यह, वह, कोई, कौन सी और ऐसा सार्वनामिक विशेषण हैं।
सार्वनामिक विशेषण के कितने भेद हैं?
सार्वनामिक विशेषण के दो भेद हैं: मौलिक और यौगिक। मौलिक में सर्वनाम मूल रूप में आता है, जैसे यह, वह, कोई। यौगिक में सर्वनाम का रूप बदल जाता है, जैसे ऐसा, वैसा, इतना, कितना।
सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में क्या अंतर है?
सर्वनाम संज्ञा की जगह आता है, जैसे वह खेल रहा है। सार्वनामिक विशेषण संज्ञा के साथ उससे पहले आता है, जैसे वह लड़का खेल रहा है। यानी संज्ञा साथ हो तो विशेषण, अकेला हो तो सर्वनाम।
क्या मैं और तुम सार्वनामिक विशेषण बन सकते हैं?
नहीं। पुरुषवाचक सर्वनाम मैं, तू, हम, तुम संज्ञा से पहले विशेषण बनकर प्रयोग नहीं होते। सार्वनामिक विशेषण प्रायः यह, वह, कोई, कुछ, कौन, जो और इनके रूपों से बनते हैं।