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विलोम और पर्यायवाची

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शब्द और व्याकरण

Vikari avikari shabdVyaktivachak sangyaJativachak sangyaBhavvachak sangyaSamuhvachak sangyaDravyavachak sangyaSangyaKriya VisheshanSarvanamik VisheshanGunvachak VisheshanVisheshanPurushvachak sarvanamSarvanamSakarmak KriyaAkarmak KriyaPrernarthak KriyaKriyaKaalUpsargPratyayVachyaVakya ke bhedVachanLingKarak

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वाच्य (Vachya): परिभाषा, भेद और वाच्य परिवर्तन

क्रिया के जिस रूप से पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं। इसके तीन भेद हैं: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य।

  • शब्द और व्याकरण
  • अपडेट: 11 Oct 2026

Vachya kise kahate hain: क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में प्रधानता कर्ता की है, कर्म की है या भाव की, उसे वाच्य कहते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Voice कहते हैं। वाच्य कक्षा 10 हिंदी व्याकरण का महत्त्वपूर्ण पाठ है और इसमें सबसे अधिक प्रश्न वाच्य पहचानने और वाच्य परिवर्तन पर आते हैं।

वाच्य की परिभाषा (Vachya ki paribhasha)

वाच्य क्रिया का वह रूपांतर है, जिससे जाना जाता है कि क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्ता के अनुसार हैं, कर्म के अनुसार हैं या भाव के अनुसार। सरल शब्दों में, वाक्य का "मुख्य पात्र" कौन है, यह वाच्य बताता है।

  • सीमा गीत गाती है। (कर्ता प्रधान)
  • सीमा द्वारा गीत गाया जाता है। (कर्म प्रधान)
  • सीमा से गाया नहीं जाता। (भाव प्रधान)

वाच्य के भेद (Vachya ke bhed)

वाच्य के तीन भेद होते हैं: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।

वाच्यप्रधानताक्रियाउदाहरण
कर्तृवाच्यकर्ता कीसकर्मक और अकर्मक दोनोंमाली पौधे सींचता है।
कर्मवाच्यकर्म कीकेवल सकर्मकमाली द्वारा पौधे सींचे जाते हैं।
भाववाच्यभाव (क्रिया) कीकेवल अकर्मकमाली से बैठा नहीं जाता।

1. कर्तृवाच्य (Kartri vachya)

जिस वाक्य में कर्ता प्रधान हो और क्रिया के लिंग, वचन कर्ता के अनुसार हों, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। इसमें सकर्मक और अकर्मक दोनों क्रियाएँ आ सकती हैं।

  • बच्चे पतंग उड़ाते हैं।
  • दादी कहानी सुनाती हैं।
  • मोर नाचता है।
  • किसान ने खेत जोता।

2. कर्मवाच्य (Karm vachya)

जिस वाक्य में कर्म प्रधान हो और क्रिया के लिंग, वचन कर्म के अनुसार हों, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। इसमें कर्ता के साथ "से" या "के द्वारा" लगता है और क्रिया केवल सकर्मक होती है।

  • बच्चों द्वारा पतंग उड़ाई जाती है।
  • दादी द्वारा कहानी सुनाई जाती है।
  • किसान द्वारा खेत जोता गया।
  • मुझसे पत्र लिखा गया।

3. भाववाच्य (Bhav vachya)

जिस वाक्य में न कर्ता प्रधान हो, न कर्म, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान हो, उसे भाववाच्य कहते हैं। इसमें क्रिया सदा अकर्मक, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन में रहती है। अधिकतर भाववाच्य वाक्य असमर्थता बताते हैं, इसलिए इनमें "नहीं" आता है।

  • मुझसे चला नहीं जाता।
  • बच्चों से रात भर सोया नहीं गया।
  • दादाजी से अब दौड़ा नहीं जाता।
  • चलो, अब बैठा जाए।

वाच्य की पहचान कैसे करें

संकेतवाच्य
कर्ता के साथ कोई चिह्न नहीं या "ने" और क्रिया कर्ता के अनुसारकर्तृवाच्य
कर्ता के साथ "से" या "द्वारा", वाक्य में कर्म है, क्रिया कर्म के अनुसारकर्मवाच्य
कर्ता के साथ "से", कर्म नहीं है, क्रिया अकर्मक और "जाना" जुड़ाभाववाच्य

वाच्य परिवर्तन (Vachya parivartan)

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाने के नियम

  1. कर्ता के बाद "से" या "के द्वारा" लगाइए।
  2. मुख्य क्रिया को सामान्य भूतकाल के रूप में बदलिए (लिखता से लिखा)।
  3. उसके बाद "जाना" क्रिया जोड़िए और उसे मूल वाक्य के काल के अनुसार बदलिए।
  4. क्रिया के लिंग और वचन कर्म के अनुसार कीजिए।
  5. कर्म के साथ "को" हो तो प्रायः हटा दीजिए।
कर्तृवाच्यकर्मवाच्य
प्रिया पत्र लिखती है।प्रिया द्वारा पत्र लिखा जाता है।
रोहन ने पुस्तक पढ़ी।रोहन द्वारा पुस्तक पढ़ी गई।
माँ खाना बना रही है।माँ द्वारा खाना बनाया जा रहा है।
पुलिस ने चोर को पकड़ा।पुलिस द्वारा चोर पकड़ा गया।
हम कल मैच देखेंगे।हमारे द्वारा कल मैच देखा जाएगा।
मैं यह काम नहीं कर सकता।मुझसे यह काम नहीं किया जा सकता।
शिक्षक ने प्रश्न समझाया।शिक्षक द्वारा प्रश्न समझाया गया।

कर्तृवाच्य से भाववाच्य बनाने के नियम

  1. कर्ता के साथ "से" लगाइए (मैं से मुझसे, वह से उससे)।
  2. मुख्य अकर्मक क्रिया को सामान्य भूतकाल के पुल्लिंग एकवचन रूप में रखिए।
  3. "जाना" क्रिया जोड़कर उसे काल के अनुसार, पर हमेशा अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन में रखिए।
कर्तृवाच्यभाववाच्य
मैं चल नहीं सकता।मुझसे चला नहीं जाता।
बच्चे रात भर नहीं सोए।बच्चों से रात भर सोया नहीं गया।
वह हँस नहीं सकी।उससे हँसा नहीं गया।
रोगी उठ नहीं पाता।रोगी से उठा नहीं जाता।
पक्षी उड़ नहीं सका।पक्षी से उड़ा नहीं गया।

कर्मवाच्य या भाववाच्य से कर्तृवाच्य

उलटी दिशा में बदलते समय "द्वारा" या "से" हटाइए, "जाना" क्रिया हटाइए और क्रिया को कर्ता के अनुसार कीजिए। जैसे:

  • सैनिकों द्वारा देश की रक्षा की जाती है। से सैनिक देश की रक्षा करते हैं।
  • दीदी से रोया नहीं गया। से दीदी रो नहीं सकी।
  • हमारे द्वारा पेड़ लगाए गए। से हमने पेड़ लगाए।

अभ्यास (Vachya class 10 MCQ जैसे प्रश्न)

  1. "गर्मी में बाहर निकला नहीं जाता।" किस वाच्य का उदाहरण है? (उत्तर: भाववाच्य)
  2. "प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कार बाँटे गए।" (उत्तर: कर्मवाच्य)
  3. "चिड़िया दाना चुगती है।" (उत्तर: कर्तृवाच्य)
  4. "मैं इतना भारी बोझ नहीं उठा सकता" को कर्मवाच्य में बदलिए। (उत्तर: मुझसे इतना भारी बोझ नहीं उठाया जा सकता।)
  5. "वह बैठ नहीं पाया" को भाववाच्य में बदलिए। (उत्तर: उससे बैठा नहीं गया।)

याद रखने की ट्रिक

  • कर्म + "द्वारा" = कर्मवाच्य, कर्म नहीं + "से" = भाववाच्य।
  • भाववाच्य की क्रिया कभी स्त्रीलिंग या बहुवचन नहीं होती: "लड़कियों से चला नहीं गया", "चली नहीं गई" नहीं।
  • हर "से" वाला वाक्य कर्मवाच्य या भाववाच्य नहीं होता। "अमित बस से गया" कर्तृवाच्य है, क्योंकि यहाँ "से" साधन बता रहा है।

सामान्य गलतियाँ

  • कर्मवाच्य में क्रिया को कर्ता के अनुसार कर देना: "लड़के द्वारा रोटी खाया गया" गलत, "खाई गई" सही।
  • अकर्मक क्रिया से कर्मवाच्य बनाने की कोशिश करना। अकर्मक क्रिया का केवल भाववाच्य बनता है।
  • "जाना" का काल मूल वाक्य से अलग कर देना। "पढ़ता है" का कर्मवाच्य "पढ़ा जाता है" होगा, "पढ़ा गया" नहीं।

वाच्य ठीक से समझने के लिए क्रिया, कारक और वाक्य के भेद भी दोहरा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाच्य किसे कहते हैं?

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं। अंग्रेज़ी में इसे Voice कहते हैं।

वाच्य के कितने भेद होते हैं?

वाच्य के तीन भेद होते हैं: कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य। कर्तृवाच्य में कर्ता, कर्मवाच्य में कर्म और भाववाच्य में क्रिया का भाव प्रधान होता है।

भाववाच्य के उदाहरण क्या हैं?

मुझसे चला नहीं जाता, बच्चों से सोया नहीं गया, दादाजी से दौड़ा नहीं जाता। इन वाक्यों में क्रिया अकर्मक है और अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन में है।

कर्मवाच्य के उदाहरण बताइए।

प्रिया द्वारा पत्र लिखा जाता है, पुलिस द्वारा चोर पकड़ा गया, मुझसे यह काम नहीं किया जा सकता। इनमें कर्ता के साथ "द्वारा" या "से" है और क्रिया कर्म के अनुसार है।

वाच्य परिवर्तन कैसे करते हैं?

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य बनाने के लिए कर्ता के साथ "द्वारा" या "से" लगाते हैं, मुख्य क्रिया को सामान्य भूतकाल में रखकर "जाना" जोड़ते हैं और क्रिया को कर्म के अनुसार करते हैं। भाववाच्य में क्रिया अकर्मक और पुल्लिंग एकवचन रहती है।