Kriya visheshan kise kahate hain: जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं। क्रिया विशेषण बताता है कि काम कब, कहाँ, कैसे और कितना हुआ। जैसे कछुआ धीरे धीरे चलता है, मैं कल आऊँगा, बच्चे बाहर खेल रहे हैं, वह बहुत हँसा।
जिस तरह विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, उसी तरह क्रिया विशेषण क्रिया की विशेषता बताता है। नाम में ही इसका अर्थ छिपा है: क्रिया का विशेषण।
क्रिया विशेषण की परिभाषा (Kriya visheshan ki paribhasha)
जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता, यानी उसके होने का समय, स्थान, रीति या परिमाण पता चले, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।
क्रिया विशेषण एक अविकारी शब्द (अव्यय) है। लिंग, वचन या काल बदलने पर भी इसका रूप नहीं बदलता: लड़का धीरे चलता है, लड़की धीरे चलती है, लड़के धीरे चलते हैं। तीनों में धीरे वैसा ही रहा। इसलिए इसे क्रिया विशेषण अव्यय भी कहते हैं। अव्यय के बारे में अधिक जानने के लिए विकारी और अविकारी शब्द पढ़ें।
क्रिया विशेषण के भेद (Kriya visheshan ke bhed)
Kriya visheshan ke kitne bhed hote hain: अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के चार भेद होते हैं। स्कूल की किताबों और परीक्षाओं में यही वर्गीकरण पूछा जाता है। (कुछ बड़ी व्याकरण पुस्तकें प्रयोग और रूप के आधार पर भी भेद करती हैं, पर वे स्कूल स्तर पर कम पढ़ाए जाते हैं।)
| भेद | क्या बताता है | प्रश्न | उदाहरण शब्द |
|---|---|---|---|
| कालवाचक | क्रिया का समय | कब? | आज, कल, अभी, सुबह, रोज़, अब, बाद में |
| स्थानवाचक | क्रिया का स्थान या दिशा | कहाँ? किधर? | यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, अंदर, बाहर, पास |
| परिमाणवाचक | क्रिया की मात्रा | कितना? | बहुत, थोड़ा, कम, ज़्यादा, खूब, बिलकुल |
| रीतिवाचक | क्रिया का ढंग | कैसे? | धीरे, तेज़, ध्यान से, अचानक, ज़रूर, ठीक |
1. कालवाचक क्रिया विशेषण
जो शब्द क्रिया के होने का समय बताएँ, वे कालवाचक क्रिया विशेषण हैं। पहचान: क्रिया से पहले "कब" पूछें।
- दादाजी रोज़ टहलने जाते हैं।
- हम परसों मेला देखने चलेंगे।
- तुम अभी यहाँ आओ।
2. स्थानवाचक क्रिया विशेषण
जो शब्द क्रिया के होने का स्थान या दिशा बताएँ, वे स्थानवाचक क्रिया विशेषण हैं। पहचान: "कहाँ" या "किधर" पूछें।
- बिल्ली ऊपर चढ़ गई।
- बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
- तुम इधर बैठो।
3. परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
जो शब्द क्रिया की मात्रा या परिमाण बताएँ, वे परिमाणवाचक क्रिया विशेषण हैं। पहचान: "कितना" पूछें।
- वह बहुत बोलता है।
- आज मैंने कम खाया।
- बच्चे खूब नाचे।
4. रीतिवाचक क्रिया विशेषण (Ritivachak kriya visheshan)
जो शब्द क्रिया के होने का ढंग या तरीका बताएँ, वे रीतिवाचक क्रिया विशेषण हैं। पहचान: "कैसे" पूछें। यह क्रिया विशेषण का सबसे बड़ा भेद है।
- कछुआ धीरे धीरे चलता है।
- उसने ध्यान से पढ़ा।
- दरवाज़ा अचानक खुल गया।
रीतिवाचक में निश्चय (ज़रूर, अवश्य), निषेध (नहीं, मत), कारण (इसलिए) और स्वीकृति (हाँ, ठीक) बताने वाले शब्द भी गिने जाते हैं।
क्रिया विशेषण के 15 उदाहरण (Kriya visheshan ke udaharan)
| वाक्य | क्रिया विशेषण | भेद |
|---|---|---|
| मैं सुबह जल्दी उठता हूँ। | सुबह, जल्दी | कालवाचक |
| पिताजी कल दिल्ली जाएँगे। | कल | कालवाचक |
| मेहमान अब आ गए हैं। | अब | कालवाचक |
| गेंद नीचे गिर गई। | नीचे | स्थानवाचक |
| तुम अंदर आ जाओ। | अंदर | स्थानवाचक |
| हमारा विद्यालय पास है। | पास | स्थानवाचक |
| वह थोड़ा रुका। | थोड़ा | परिमाणवाचक |
| आज बहुत बारिश हुई। | बहुत | परिमाणवाचक |
| बच्चे खूब खेले। | खूब | परिमाणवाचक |
| घोड़ा तेज़ दौड़ता है। | तेज़ | रीतिवाचक |
| उसने ध्यान से सुना। | ध्यान से | रीतिवाचक |
| बच्ची मीठा गाती है। | मीठा | रीतिवाचक |
| मैं ज़रूर आऊँगा। | ज़रूर | रीतिवाचक |
| वह चुपचाप बैठा रहा। | चुपचाप | रीतिवाचक |
| सिपाही सावधानी से चल रहे थे। | सावधानी से | रीतिवाचक |
विशेषण और क्रिया विशेषण में अंतर
एक ही शब्द दोनों बन सकता है, इसलिए देखें कि वह किसकी विशेषता बता रहा है।
- तेज़ धूप: तेज़ धूप (संज्ञा) की विशेषता, इसलिए गुणवाचक विशेषण।
- वह तेज़ दौड़ा: तेज़ दौड़ा (क्रिया) की विशेषता, इसलिए रीतिवाचक क्रिया विशेषण।
- बहुत पानी: परिमाणवाचक विशेषण। बहुत रोया: परिमाणवाचक क्रिया विशेषण।
क्रिया विशेषण की पहचान का तरीका
पहले वाक्य में क्रिया ढूँढिए। फिर क्रिया से पहले कब, कहाँ, कितना और कैसे पूछिए। जिस शब्द में इनमें से किसी का उत्तर मिले, वही क्रिया विशेषण है। जैसे दादी रात को धीरे धीरे कहानी सुनाती हैं: कब सुनाती हैं? रात को (कालवाचक)। कैसे सुनाती हैं? धीरे धीरे (रीतिवाचक)। एक वाक्य में एक से अधिक क्रिया विशेषण भी हो सकते हैं।
याद रखने की ट्रिक
कब, कहाँ, कितना, कैसे: यही चार प्रश्न चार भेद हैं। कब = कालवाचक, कहाँ = स्थानवाचक, कितना = परिमाणवाचक, कैसे = रीतिवाचक। याद रखने के लिए "का स्था प री" बोलें।
सामान्य गलतियाँ
- बहुत सुंदर में बहुत क्रिया विशेषण नहीं, प्रविशेषण है, क्योंकि यह विशेषण (सुंदर) की विशेषता बता रहा है।
- कल मेरा जन्मदिन है में कल संज्ञा जैसा प्रयोग है, पर मैं कल जाऊँगा में कल कालवाचक क्रिया विशेषण है।
- स्थानवाचक शब्द यहाँ, वहाँ को सर्वनाम समझ लेना गलत है। ये क्रिया का स्थान बताते हैं, इसलिए क्रिया विशेषण हैं। इनके विलोम भी याद रखें, जैसे ऊपर का विलोम नीचे और अंदर का विलोम बाहर।
क्रिया विशेषण वर्कशीट (Kriya visheshan worksheet)
नीचे दिए वाक्यों में क्रिया विशेषण पहचानिए और उसका भेद लिखिए:
- बच्चे पार्क में इधर उधर दौड़ रहे थे।
- दादी धीरे से उठीं।
- मैं शाम को पढ़ता हूँ।
- उसने ज़्यादा खा लिया।
उत्तर: 1. इधर उधर (स्थानवाचक), 2. धीरे से (रीतिवाचक), 3. शाम को (कालवाचक), 4. ज़्यादा (परिमाणवाचक)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्रिया विशेषण किसे कहते हैं? (kriya visheshan kise kahate hain)
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं। ये बताते हैं कि काम कब, कहाँ, कैसे और कितना हुआ। जैसे वह धीरे चलता है में धीरे क्रिया विशेषण है।
क्रिया विशेषण के कितने भेद होते हैं?
अर्थ के आधार पर क्रिया विशेषण के चार भेद होते हैं: कालवाचक, स्थानवाचक, परिमाणवाचक और रीतिवाचक। इन्हें क्रमशः कब, कहाँ, कितना और कैसे प्रश्न से पहचाना जाता है।
रीतिवाचक क्रिया विशेषण किसे कहते हैं?
जो शब्द क्रिया के होने का ढंग या तरीका बताएँ, उन्हें रीतिवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे धीरे, तेज़, ध्यान से, अचानक, ज़रूर। पहचान के लिए क्रिया से पहले कैसे पूछें।
क्रिया विशेषण को अव्यय क्यों कहते हैं?
क्योंकि लिंग, वचन, पुरुष या काल बदलने पर भी क्रिया विशेषण का रूप नहीं बदलता। जैसे लड़का धीरे चलता है और लड़की धीरे चलती है, दोनों में धीरे एक जैसा रहता है। इसलिए यह अविकारी शब्द यानी अव्यय है।
क्रिया विशेषण के 5 उदाहरण बताइए।
मैं कल आऊँगा (कालवाचक), बिल्ली ऊपर चढ़ी (स्थानवाचक), वह बहुत हँसा (परिमाणवाचक), कछुआ धीरे चलता है (रीतिवाचक), बच्चे बाहर खेल रहे हैं (स्थानवाचक)।