Gunvachak visheshan यानी गुणवाचक विशेषण वे शब्द हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्वाद, गंध, समय या स्थान के बारे में बताते हैं। जैसे मेहनती किसान, लाल गुलाब, गोल रोटी, मीठा आम। यहाँ मेहनती, लाल, गोल और मीठा गुणवाचक विशेषण हैं।
गुणवाचक विशेषण, विशेषण के चार भेदों में सबसे बड़ा और सबसे अधिक प्रयोग होने वाला भेद है। हम रोज़ की बातचीत में इसे सबसे ज़्यादा बोलते हैं, जैसे ठंडा पानी, गरम चाय, साफ़ कमरा।
गुणवाचक विशेषण की परिभाषा
जिस विशेषण से संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, अवस्था, स्वाद, गंध, स्पर्श, समय, स्थान या दिशा का बोध हो, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
गुणवाचक विशेषण विशेष्य से पहले भी आ सकता है और बाद में भी। लाल गुलाब खिला है में लाल विशेष्य से पहले है, जबकि गुलाब लाल है में बाद में। दोनों स्थितियों में लाल गुणवाचक विशेषण ही रहता है, क्योंकि वह गुलाब का रंग बताता है।
ध्यान दें कि "गुण" शब्द यहाँ बड़े अर्थ में है। इसमें अच्छी बातें भी आती हैं और बुरी बातें (दोष) भी। इसलिए ईमानदार भी गुणवाचक है और झूठा भी।
गुणवाचक विशेषण की पहचान कैसे करें
संज्ञा या सर्वनाम पर कैसा, कैसी, कैसे का प्रश्न करें। जो उत्तर मिले, वही गुणवाचक विशेषण है।
- दादी ने गरम स्वेटर बुना। स्वेटर कैसा? उत्तर: गरम।
- हमारी गली संकरी है। गली कैसी? उत्तर: संकरी।
- मेरे मामा दयालु हैं। मामा कैसे? उत्तर: दयालु।
गुणवाचक विशेषण के रूप (उदाहरण सहित तालिका)
| किसका बोध | गुणवाचक विशेषण |
|---|---|
| गुण | ईमानदार, सच्चा, दयालु, वीर, विनम्र, मेहनती, बुद्धिमान |
| दोष | झूठा, आलसी, कंजूस, बेईमान, कायर, क्रूर |
| रंग | लाल, पीला, नीला, हरा, काला, सफ़ेद, सुनहरा |
| आकार | लंबा, छोटा, गोल, चौकोर, चौड़ा, मोटा, पतला |
| दशा (अवस्था) | बीमार, स्वस्थ, गीला, सूखा, अमीर, गरीब, भूखा |
| स्वाद | मीठा, खट्टा, कड़वा, नमकीन, तीखा, फीका |
| गंध | सुगंधित, खुशबूदार, बदबूदार |
| स्पर्श | कोमल, कठोर, मुलायम, खुरदरा, चिकना |
| काल (समय) | नया, पुराना, प्राचीन, आधुनिक, ताज़ा, बासी |
| स्थान | ग्रामीण, शहरी, भारतीय, पहाड़ी, बाहरी |
| दिशा | पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी, ऊपरी, निचला |
गुणवाचक विशेषण के 20 उदाहरण (Gunvachak visheshan ke udaharan)
- हमारी कक्षा में एक होशियार लड़की है।
- किसान मेहनती होते हैं।
- उसने नीली कमीज़ पहनी है।
- मेज़ पर गोल थाली रखी है।
- करेला कड़वा होता है।
- बगीचे में सुगंधित फूल खिले हैं।
- खरगोश के बाल मुलायम होते हैं।
- हमारे गाँव में एक पुराना कुआँ है।
- बीमार बच्चे को दवा दी गई।
- पहाड़ों पर ठंडी हवा चलती है।
- मुझे पहाड़ी रास्ते पसंद हैं।
- सड़क के पूर्वी किनारे पर विद्यालय है।
- वह आलसी लड़का देर से उठता है।
- दुकानदार ईमानदार आदमी है।
- जिराफ़ की गर्दन लंबी होती है।
- माँ ने ताज़ी सब्ज़ी खरीदी।
- नदी का पानी साफ़ है।
- वीर सैनिक सीमा पर तैनात हैं।
- मुझे नमकीन बिस्किट अच्छे लगते हैं।
- दादाजी की छड़ी मज़बूत है।
ऊपर के उदाहरणों में ईमानदार (गुण) और लंबी (आकार) दोनों गुणवाचक विशेषण हैं। इनके विलोम भी गुणवाचक ही होते हैं, जैसे लंबा का विलोम छोटा, कोमल का विलोम कठोर, प्राचीन का विलोम नवीन।
गुणवाचक विशेषण की तुलना
गुणवाचक विशेषणों में ही तुलना की तीनों अवस्थाएँ सबसे ज़्यादा दिखती हैं: मूलावस्था (सुंदर), उत्तरावस्था (सुंदरतर) और उत्तमावस्था (सुंदरतम)। हिंदी के अपने शब्दों में "से अधिक" और "सबसे" लगाकर तुलना होती है, जैसे यह रस्सी उस रस्सी से लंबी है, यह रस्सी सबसे लंबी है।
गुणवाचक विशेषण कैसे बनते हैं
बहुत से गुणवाचक विशेषण संज्ञा शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनते हैं। यह जानना उपयोगी है, क्योंकि परीक्षा में "संज्ञा से विशेषण बनाइए" जैसे प्रश्न भी आते हैं।
| संज्ञा | प्रत्यय | गुणवाचक विशेषण |
|---|---|---|
| दया | आलु | दयालु |
| मेहनत | ई | मेहनती |
| सुगंध | इत | सुगंधित |
| बल | वान | बलवान |
| गुण | वान | गुणवान |
| भूख | आ | भूखा |
| शहर | ई | शहरी |
| रंग | ईन | रंगीन |
| चमक | ईला | चमकीला |
| समाज | इक | सामाजिक |
प्रत्यय से शब्द बनाने के नियम विस्तार से प्रत्यय पेज पर दिए गए हैं।
गुणवाचक विशेषण में लिंग और वचन का प्रभाव
आकारांत (जिसके अंत में आ हो) गुणवाचक विशेषण विशेष्य के लिंग और वचन के अनुसार बदलते हैं, जैसे काला कुत्ता, काली बिल्ली, काले घोड़े। पर जो विशेषण आकारांत नहीं हैं, वे नहीं बदलते, जैसे सुंदर लड़का, सुंदर लड़की, सुंदर बच्चे। इसी कारण विशेषण को विकारी शब्द माना जाता है, यद्यपि हर विशेषण का रूप नहीं बदलता।
अभ्यास: गुणवाचक विशेषण पहचानिए
- हमारी गाय भूरी है।
- दादाजी ने मीठे बेर खरीदे।
- मुझे गरम जलेबी पसंद है।
- वह बहादुर सिपाही है।
उत्तर: 1. भूरी (रंग), 2. मीठे (स्वाद), 3. गरम (स्पर्श या दशा), 4. बहादुर (गुण)।
याद रखने की ट्रिक
कैसा पूछो, गुण मिलेगा। कितने पूछो, संख्या मिलेगी। कितना पूछो, मात्रा मिलेगी। यानी अगर उत्तर "कैसा" से आए तो वह गुणवाचक विशेषण है।
सामान्य गलतियाँ
- वह तेज़ दौड़ता है में तेज़ गुणवाचक विशेषण नहीं है, क्योंकि यह दौड़ने (क्रिया) की विशेषता बता रहा है। यहाँ तेज़ रीतिवाचक क्रिया विशेषण है। पर तेज़ धूप में तेज़ गुणवाचक विशेषण है।
- ऐसा, वैसा गुण का संकेत देते हैं, पर व्याकरण में ये सार्वनामिक विशेषण माने जाते हैं।
- बहुत सुंदर में बहुत गुणवाचक नहीं, प्रविशेषण है। गुणवाचक केवल सुंदर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुणवाचक विशेषण किसे कहते हैं? (gunvachak visheshan kise kahate hain)
जो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा, स्वाद, गंध आदि बताते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे सफ़ेद बादल, मीठा फल, आलसी लड़का।
गुणवाचक विशेषण के 10 उदाहरण बताइए।
अच्छा, बुरा, लाल, गोल, लंबा, मीठा, खट्टा, नया, पुराना, ईमानदार। वाक्य में जैसे: गाय का दूध सफ़ेद होता है, नींबू खट्टा होता है, हमारा घर पुराना है।
गुणवाचक विशेषण की पहचान कैसे करें?
संज्ञा या सर्वनाम पर कैसा, कैसी या कैसे का प्रश्न करें। जो उत्तर मिले, वही गुणवाचक विशेषण है। जैसे पीला फूल में फूल कैसा, उत्तर पीला।
लंबा शब्द में कौन सा विशेषण है?
लंबा गुणवाचक विशेषण है, क्योंकि यह किसी वस्तु के आकार का बोध कराता है। जैसे लंबा पेड़, लंबी सड़क।
क्या दोष बताने वाले शब्द भी गुणवाचक विशेषण होते हैं?
हाँ। व्याकरण में गुण शब्द बड़े अर्थ में लिया जाता है, इसलिए दोष बताने वाले शब्द जैसे झूठा, आलसी, कंजूस भी गुणवाचक विशेषण ही कहलाते हैं।