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विलोम और पर्यायवाची

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मुहावरे और लोकोक्तियाँ

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वर्णमाला

Hindi VarnamalaSwarVyanjanMatraBarakhadi in EnglishBarakhadi

शब्द और व्याकरण

Vikari avikari shabdVyaktivachak sangyaJativachak sangyaBhavvachak sangyaSamuhvachak sangyaDravyavachak sangyaSangyaKriya VisheshanSarvanamik VisheshanGunvachak VisheshanVisheshanPurushvachak sarvanamSarvanamSakarmak KriyaAkarmak KriyaPrernarthak KriyaKriyaKaalUpsargPratyayVachyaVakya ke bhedVachanLingKarak

संधि

Dirgh sandhiGun sandhiVriddhi sandhiYan sandhiAyadi sandhiSwar sandhiVyanjan sandhiVisarg sandhiSandhi

समास

Tatpurush samasKarmadharay samasDvigu samasDvandva samasBahuvrihi samasAvyayibhav samasSamas

अलंकार, रस, छंद

Anupras alankarYamak alankarShlesh alankarUpma alankarRupak alankarUtpreksha alankarAtishyokti alankarManvikaran alankarBhrantiman alankarSandeh alankarAlankarShringar rasHasya rasKarun rasRaudra rasVeer rasBhayanak rasVibhats rasAdbhut rasShant rasVatsalya rasBhakti rasRasDohaChhand

लोकोक्तियाँ (Lokoktiyan): परिभाषा, विशेषताएँ और उदाहरण

लोक में प्रचलित अनुभव भरे कथन को लोकोक्ति (कहावत) कहते हैं, जैसे जैसी करनी वैसी भरनी।

  • मुहावरे और लोकोक्तियाँ
  • अपडेट: 11 Oct 2026

Lokoktiyan (लोकोक्तियाँ) वे प्रचलित कथन हैं जिनमें लोगों के लंबे अनुभव का सार छिपा होता है। आम बोलचाल में इन्हें कहावतें कहते हैं। जैसे "जैसी करनी वैसी भरनी" बताती है कि मनुष्य को अपने कर्मों का फल मिलता है। इस पेज पर lokoktiyan in hindi की परिभाषा, विशेषताएँ, प्रयोग का तरीका और 60 लोकोक्तियों की अर्थ सहित सूची दी गई है।

Lokokti kise kahate hain: परिभाषा

परिभाषा: लोक में प्रचलित ऐसा कथन, जो किसी अनुभव, सीख या सच्चाई को संक्षेप में प्रकट करता है, लोकोक्ति कहलाता है।

"लोकोक्ति" शब्द लोक और उक्ति से मिलकर बना है। लोक का अर्थ है जन साधारण और उक्ति का अर्थ है कथन। यानी लोगों के बीच प्रचलित कथन। लोकोक्तियाँ किसी एक लेखक ने नहीं बनाईं। ये गाँव, खेत, बाज़ार और घर के अनुभवों से धीरे धीरे बनीं और पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहीं। कुछ लोकोक्तियाँ कवियों की पंक्तियों से भी बनी हैं, जैसे तुलसीदास की पंक्ति "का बरखा जब कृषी सुखाने" और कवि वृंद की पंक्ति "करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान"।

लोकोक्ति का प्रयोग प्रायः अपनी बात के समर्थन में या किसी स्थिति पर टिप्पणी के रूप में किया जाता है।

लोकोक्ति के उदाहरण

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
अधजल गगरी छलकत जायकम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता हैथोड़ा सा पढ़कर वह सबको सिखाने लगा, अधजल गगरी छलकत जाय।
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेतसमय निकल जाने पर पछताना बेकार हैसाल भर नहीं पढ़े, अब रोने से क्या, अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
एक अनार सौ बीमारवस्तु एक, चाहने वाले बहुतएक नौकरी के लिए पाँच सौ आवेदन आए, एक अनार सौ बीमार।
अंत भला तो सब भलापरिणाम अच्छा हो तो सब अच्छारास्ते में बहुत परेशानी हुई, पर सब समय पर घर पहुँच गए, अंत भला तो सब भला।
दूध का दूध, पानी का पानीठीक ठीक न्याय होनापंचायत ने दोनों पक्षों को सुनकर दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया।
नाच न जाने आँगन टेढ़ाकाम न आने पर दूसरों को दोष देनाखुद गाना नहीं आता और कहता है माइक खराब है, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
ऊँची दुकान फीका पकवाननाम बड़ा पर गुण कमइतने बड़े होटल का खाना बेस्वाद निकला, ऊँची दुकान फीका पकवान।
जहाँ चाह वहाँ राहइच्छा हो तो रास्ता मिल ही जाता हैगरीबी में भी उसने पढ़ाई पूरी की, सच है जहाँ चाह वहाँ राह।

लोकोक्ति की विशेषताएँ

  1. पूर्ण वाक्य: लोकोक्ति अपने आप में पूरा वाक्य होती है। इसका अर्थ समझने के लिए किसी दूसरे वाक्य की ज़रूरत नहीं पड़ती।
  2. स्वतंत्र प्रयोग: इसका प्रयोग वाक्य के अंत में या अलग से अपनी बात के समर्थन में होता है।
  3. रूप नहीं बदलता: लोकोक्ति के शब्द और क्रिया प्रायः ज्यों के त्यों रहते हैं। लिंग, वचन या काल के अनुसार इनमें बदलाव नहीं होता।
  4. अनुभव का सार: हर लोकोक्ति के पीछे कोई जीवन अनुभव, सीख या सच्चाई होती है।
  5. संक्षिप्त और लयबद्ध: अधिकतर लोकोक्तियाँ छोटी होती हैं और इनमें तुक या लय होती है, जैसे "थोथा चना बाजे घना", इसलिए ये जल्दी याद हो जाती हैं।
  6. बोलियों का रंग: कई लोकोक्तियों में अवधी, ब्रज या दूसरी बोलियों के शब्द मिलते हैं, जैसे "छलकत", "होत", "जाय"।

Kahavat in English: लोकोक्तियाँ और अंग्रेज़ी proverbs

कहावत को अंग्रेज़ी में proverb या saying कहते हैं। बहुत सी हिंदी लोकोक्तियों के मिलते-जुलते अंग्रेज़ी proverb भी हैं।

हिंदी लोकोक्तिमिलता-जुलता English proverb
जैसी करनी वैसी भरनीAs you sow, so shall you reap.
थोथा चना बाजे घनाEmpty vessels make the most noise.
अंत भला तो सब भलाAll is well that ends well.
दूर के ढोल सुहावनेDistance lends enchantment to the view.
जहाँ चाह वहाँ राहWhere there is a will, there is a way.
बूँद बूँद से घड़ा भरता हैLittle drops of water make the mighty ocean.
एक पंथ दो काजTo kill two birds with one stone.

लोकोक्ति का वाक्य में प्रयोग

लोकोक्ति का प्रयोग करते समय पहले पूरी स्थिति बताएँ और फिर लोकोक्ति को उस स्थिति के निष्कर्ष के रूप में रखें। उदाहरण: "रीना ने रोज़ थोड़ी थोड़ी बचत करके साइकिल खरीद ली। बूँद बूँद से घड़ा भरता है।" यहाँ लोकोक्ति पूरी बात का सार बता रही है।

लोकोक्ति के शब्द न बदलें। "जैसी करनी वैसी भरनी" को "जैसा किया वैसा भरा" लिखना गलत है।

सामान्य गलतियाँ

  • लोकोक्ति को मुहावरा समझना: "एक अनार सौ बीमार" पूरा कथन है, इसलिए यह लोकोक्ति है। पूरा अंतर मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर पेज पर पढ़ें।
  • बोली के शब्द बदल देना: "अधजल गगरी छलकत जाय" को "अधजल गगरी छलकती जाती है" लिखना ठीक नहीं।
  • केवल शब्दार्थ लिखना: "ऊँट के मुँह में जीरा" का अर्थ ऊँट को जीरा खिलाना नहीं, बल्कि आवश्यकता से बहुत कम वस्तु मिलना है।

याद रखने की ट्रिक

  • पशु पक्षियों वाली लोकोक्तियाँ एक साथ याद करें: ऊँट के मुँह में जीरा, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद, भैंस के आगे बीन बजाए।
  • भोजन वाली लोकोक्तियाँ साथ रखें: आम के आम गुठलियों के दाम, ऊँची दुकान फीका पकवान, घर की मुर्गी दाल बराबर।
  • हर लोकोक्ति के लिए अपने जीवन की कोई घटना सोचें जिसमें वह ठीक बैठती हो।

Muhavare aur lokoktiyan: साथ में पढ़ें

परीक्षा में मुहावरे और लोकोक्तियाँ प्रायः एक ही प्रश्न में पूछी जाती हैं। मुहावरों की परिभाषा और सूची के लिए मुहावरे पेज देखें, और अभ्यास के लिए मुहावरे रिक्त स्थान अभ्यास करें। छोटी सूची चाहिए तो 10 मुहावरे और 20 मुहावरे पढ़ें।

60 lokoktiyan in hindi: अर्थ और वाक्य सहित

नीचे 60 प्रचलित लोकोक्तियाँ उनके अर्थ और वाक्य प्रयोग के साथ दी गई हैं। पहली 10 और 20 लोकोक्तियाँ छोटी कक्षाओं के लिए सबसे उपयोगी हैं।

क्रमलोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
1अधजल गगरी छलकत जायकम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता हैथोड़ा सा पढ़कर वह सबको भाषण देता है, अधजल गगरी छलकत जाय।
2अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेतसमय निकल जाने पर पछताना बेकार हैसाल भर नहीं पढ़े तो अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
3आम के आम गुठलियों के दामएक काम से दोहरा लाभपुरानी किताबें बेचीं, पैसे मिले और जगह बनी, आम के आम गुठलियों के दाम।
4ऊँट के मुँह में जीराअधिक आवश्यकता के आगे बहुत थोड़ी वस्तुपहलवान को एक केला देना ऊँट के मुँह में जीरा है।
5एक अनार सौ बीमारएक वस्तु के अनेक चाहने वालेएक ही झूला और बीस बच्चे, यह तो एक अनार सौ बीमार है।
6एक पंथ दो काजएक काम से दो काम बन जानाबाज़ार जाकर सब्ज़ी भी ली और बिल भी भरा, एक पंथ दो काज।
7उल्टा चोर कोतवाल को डाँटेदोषी ही निर्दोष पर दोष लगाएगलती उसकी थी, पर वह मुझ पर चिल्लाया, उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे।
8ऊँची दुकान फीका पकवानदिखावा अधिक, गुण कमइतनी सजी दुकान की मिठाई बेस्वाद निकली, ऊँची दुकान फीका पकवान।
9का बरखा जब कृषि सुखानेअवसर बीत जाने पर सहायता बेकार हैपरीक्षा बीत जाने पर किताब मिली तो क्या लाभ, का बरखा जब कृषि सुखाने।
10खोदा पहाड़ निकली चुहियाबहुत परिश्रम पर बहुत कम लाभपूरा दिन ढूँढ़ने पर बक्से में बस पुराने कागज़ मिले, खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
11घर का भेदी लंका ढाएआपसी भेद खोलने वाला बड़ा नुकसान करता हैअपने ही नौकर ने चोरों को रास्ता बताया, घर का भेदी लंका ढाए।
12घर की मुर्गी दाल बराबरघर की वस्तु या व्यक्ति का आदर नहीं होताबाहर सब उसकी कला सराहते हैं, पर घर की मुर्गी दाल बराबर।
13चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति स्वयं डरा रहता हैचोरी की बात छिड़ते ही वह घबरा गया, चोर की दाढ़ी में तिनका।
14जल में रहकर मगर से बैरजिसके आश्रय में रहें उसी से शत्रुता करनामालिक के घर रहकर उसी से झगड़ना, जल में रहकर मगर से बैर है।
15जिसकी लाठी उसकी भैंसशक्तिशाली की ही जीत होती हैबड़े लड़कों ने मैदान छीन लिया, जिसकी लाठी उसकी भैंस।
16जैसी करनी वैसी भरनीजैसा काम वैसा फलदूसरों को सताने वाला आज खुद अकेला है, जैसी करनी वैसी भरनी।
17जितनी चादर हो उतने पैर पसारोआय के अनुसार ही खर्च करना चाहिएकर्ज़ लेकर दिखावा मत करो, जितनी चादर हो उतने पैर पसारो।
18थोथा चना बाजे घनागुणहीन व्यक्ति अधिक बोलता हैजो कुछ नहीं जानता, वही सबसे ज़्यादा बोलता है, थोथा चना बाजे घना।
19दूर के ढोल सुहावनेदूर से चीज़ें अच्छी लगती हैंशहर का जीवन कठिन निकला, सच है दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
20नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी कमी का दोष दूसरों पर डालनागाना नहीं आता तो माइक को खराब बता दिया, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
21नौ नकद न तेरह उधारउधार के अधिक लाभ से नकद का थोड़ा लाभ अच्छादुकानदार ने कम दाम में नकद बेचना ठीक समझा, नौ नकद न तेरह उधार।
22बंदर क्या जाने अदरक का स्वादमूर्ख गुणवान वस्तु का महत्व नहीं जानताउसने पुरानी कीमती किताब रद्दी में दे दी, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
23भैंस के आगे बीन बजाए भैंस खड़ी पगुरायमूर्ख को समझाना बेकार हैउसे कितना भी समझाओ, भैंस के आगे बीन बजाए भैंस खड़ी पगुराय।
24होनहार बिरवान के होत चिकने पातहोनहार के लक्षण बचपन में ही दिख जाते हैंनन्ही रीता अभी से सुंदर चित्र बनाती है, होनहार बिरवान के होत चिकने पात।
25हाथ कंगन को आरसी क्याप्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहींशक है तो खुद चलकर देख लो, हाथ कंगन को आरसी क्या।
26हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के औरकहना कुछ और करना कुछ औरवह कहता कुछ, करता कुछ, हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और।
27अंधों में काना राजामूर्खों के बीच थोड़ा जानने वाला भी श्रेष्ठ माना जाता हैगाँव में थोड़ी अंग्रेज़ी जानने वाला विद्वान कहलाता है, अंधों में काना राजा।
28अंधा क्या चाहे दो आँखेंमनचाही वस्तु अपने आप मिल जानाबच्चों को मेले जाना था, पिताजी खुद ले चले, अंधा क्या चाहे दो आँखें।
29आ बैल मुझे मारजान बूझकर मुसीबत मोल लेनासोते कुत्ते को छेड़ना तो आ बैल मुझे मार वाली बात है।
30आसमान से गिरा खजूर में अटकाएक संकट से निकलकर दूसरे में फँस जानाबारिश से बचा तो मधुमक्खियों में फँसा, आसमान से गिरा खजूर में अटका।
31एक और एक ग्यारह होते हैंमिलकर काम करने में बड़ी शक्ति होती हैदोनों भाइयों ने मिलकर दुकान चमका दी, एक और एक ग्यारह होते हैं।
32एक तो करेला दूजा नीम चढ़ाएक बुराई के साथ दूसरी बुराई भी होनाआलसी तो था ही, अब झूठा भी है, एक तो करेला दूजा नीम चढ़ा।
33एक मछली सारे तालाब को गंदा करती हैएक बुरा व्यक्ति पूरे समूह को बदनाम कर देता हैएक शरारती से कक्षा बदनाम हुई, एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है।
34काला अक्षर भैंस बराबरबिलकुल अनपढ़ होनादादाजी के समय गाँव के कई लोगों के लिए काला अक्षर भैंस बराबर था।
35खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेलज्जित होकर अपना गुस्सा दूसरों पर निकालनाहारकर वह अपने छोटे भाई पर चिल्लाने लगा, खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे।
36गेहूँ के साथ घुन भी पिसता हैदोषी के साथ निर्दोष भी दंड पाता हैशरारत दो ने की, सज़ा सबको मिली, गेहूँ के साथ घुन भी पिसता है।
37चिराग तले अँधेरापास की बुराई दिखाई न देनाअध्यापक का अपना बेटा ही पढ़ाई में कमज़ोर है, चिराग तले अँधेरा।
38चोर चोर मौसेरे भाईबुरे लोग आपस में मिले रहते हैंदोनों बेईमान दुकानदार एक दूसरे का साथ देते हैं, चोर चोर मौसेरे भाई।
39जहाँ चाह वहाँ राहइच्छा हो तो रास्ता निकल ही आता हैबिना कोचिंग के भी उसने परीक्षा पास कर ली, जहाँ चाह वहाँ राह।
40जान है तो जहान हैजीवन सबसे मूल्यवान हैकाम बाद में होता रहेगा, पहले सेहत संभालो, जान है तो जहान है।
41जैसा देश वैसा भेषजहाँ रहें वहाँ के अनुसार व्यवहार करेंपहाड़ पर जाकर उसने भी ऊनी कपड़े पहन लिए, जैसा देश वैसा भेष।
42डूबते को तिनके का सहारासंकट में थोड़ी सी मदद भी बड़ी लगती हैमुसीबत में मिले थोड़े पैसे भी डूबते को तिनके का सहारा बने।
43तू डाल डाल मैं पात पातएक से बढ़कर एक चालाक होनाचोर नई चाल चलता, सिपाही आगे रहता, तू डाल डाल मैं पात पात।
44दाल भात में मूसलचंदकिसी के काम में बेवजह दखल देने वालाहम बात कर रहे थे कि वह दाल भात में मूसलचंद बनकर आ गया।
45दूध का जला छाछ भी फूँक फूँककर पीता हैएक बार धोखा खाने वाला बहुत सावधान हो जाता हैएक बार ठगा गया, अब दूध का जला छाछ भी फूँक फूँककर पीता है।
46नेकी कर दरिया में डालभलाई करके उसे भूल जाना चाहिएमदद करके बार बार जताना ठीक नहीं, नेकी कर दरिया में डाल।
47बिल्ली के भाग्य से छींका टूटासंयोग से मनचाही बात हो जानामेले जाना था और चाचाजी साथ ले गए, बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा।
48बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होयबुरे काम का अच्छा फल नहीं मिलतासाल भर खेलते रहे, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।
49साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटेबिना हानि के काम बन जानाऐसा उपाय सोचो कि साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे।
50सिर मुँड़ाते ही ओले पड़नाकाम शुरू करते ही बाधा आ जानानई दुकान खोलते ही बाढ़ आ गई, सिर मुँड़ाते ही ओले पड़ गए।
51हथेली पर सरसों नहीं जमतीहर काम में समय लगता हैएक दिन में अंग्रेज़ी नहीं आएगी, हथेली पर सरसों नहीं जमती।
52अपनी अपनी डफली अपना अपना रागसबकी अलग अलग राय होनाबैठक में सब अपनी अपनी डफली अपना अपना राग अलाप रहे थे।
53अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकतापूरे मोहल्ले की सफ़ाई सबको मिलकर करनी होगी, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
54दीवारों के भी कान होते हैंगुप्त बात सावधानी से करनी चाहिएधीरे बोलो, दीवारों के भी कान होते हैं।
55बूँद बूँद से घड़ा भरता हैथोड़ा थोड़ा जोड़ने से बहुत हो जाता हैरोज़ दस रुपये बचाकर उसने साइकिल खरीद ली, बूँद बूँद से घड़ा भरता है।
56रस्सी जल गई पर बल न गयासब कुछ नष्ट होने पर भी घमंड न जानाधन चला गया, अकड़ वही है, रस्सी जल गई पर बल न गया।
57आगे कुआँ पीछे खाईदोनों ओर संकट होनासच बोले तो दोस्त नाराज़, झूठ बोले तो माँ, आगे कुआँ पीछे खाई।
58अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शारीरिक बल से बड़ी होती हैछोटे खरगोश ने चतुराई से शेर को हरा दिया, आखिर अक्ल बड़ी या भैंस।
59करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजानलगातार अभ्यास से साधारण व्यक्ति भी कुशल बन जाता हैरोज़ अभ्यास से कमज़ोर छात्र अव्वल आया, करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।
60नया नौ दिन पुराना सौ दिनपुरानी चीज़ अधिक टिकाऊ और भरोसेमंद होती हैनई चप्पल टूट गई, पुरानी चल रही है, नया नौ दिन पुराना सौ दिन।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Lokokti kise kahate hain?

लोक में प्रचलित ऐसा कथन जो किसी अनुभव या सीख को संक्षेप में प्रकट करे, लोकोक्ति कहलाता है। इसे कहावत भी कहते हैं। जैसे: जैसी करनी वैसी भरनी।

लोकोक्ति का अर्थ क्या है?

लोकोक्ति शब्द लोक और उक्ति से बना है। लोक का अर्थ है जन साधारण और उक्ति का अर्थ है कथन, यानी लोगों में प्रचलित कथन।

लोकोक्ति के 5 उदाहरण अर्थ सहित लिखिए।

अधजल गगरी छलकत जाय: कम ज्ञानी अधिक दिखावा करता है। एक अनार सौ बीमार: वस्तु एक, चाहने वाले बहुत। नाच न जाने आँगन टेढ़ा: काम न आने पर दूसरों को दोष देना। जहाँ चाह वहाँ राह: इच्छा हो तो रास्ता मिलता है। ऊँची दुकान फीका पकवान: नाम बड़ा गुण कम।

Kahavat in English को क्या कहते हैं?

कहावत को अंग्रेज़ी में proverb या saying कहते हैं। जैसे जहाँ चाह वहाँ राह के लिए अंग्रेज़ी proverb है: Where there is a will, there is a way.

मुहावरे और लोकोक्तियाँ में मुख्य अंतर क्या है?

मुहावरा वाक्यांश होता है और वाक्य का भाग बनकर आता है, जबकि लोकोक्ति पूर्ण वाक्य होती है और स्वतंत्र रूप से प्रयोग होती है। मुहावरे की क्रिया बदलती है, लोकोक्ति प्रायः ज्यों की त्यों रहती है।