Ayadi sandhi (अयादि संधि) स्वर संधि का पाँचवाँ भेद है। इसमें ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भिन्न स्वर आने पर ए का अय्, ऐ का आय्, ओ का अव् और औ का आव् हो जाता है। जैसे ने + अन = नयन। नीचे नियम तालिका और 18 ayadi sandhi ke udaharan विच्छेद सहित दिए गए हैं।
अयादि संधि किसे कहते हैं
परिभाषा: यदि ए, ऐ, ओ या औ के बाद कोई भिन्न स्वर आए, तो ए का अय्, ऐ का आय्, ओ का अव् और औ का आव् हो जाता है। इसे अयादि संधि कहते हैं।
इस संधि का नाम इसके पहले रूप अय् से बना है: अय् + आदि = अयादि, यानी अय् आदि (अय्, आय्, अव्, आव्) वाली संधि।
अयादि संधि के नियम
| पहला स्वर | बदलकर बनता है | मेल का उदाहरण | शब्द |
|---|---|---|---|
| ए | अय् | ए + अ = अय | ने + अन = नयन |
| ऐ | आय् | ऐ + अ = आय | गै + अक = गायक |
| ऐ | आय् | ऐ + इ = आयि | गै + इका = गायिका |
| ओ | अव् | ओ + अ = अव | पो + अन = पवन |
| ओ | अव् | ओ + इ = अवि | पो + इत्र = पवित्र |
| औ | आव् | औ + अ = आव | पौ + अक = पावक |
| औ | आव् | औ + इ = आवि | नौ + इक = नाविक |
| औ | आव् | औ + उ = आवु | भौ + उक = भावुक |
ध्यान दें कि ने, गै, पो, पौ जैसे पहले भाग अकेले में सामान्य हिंदी शब्द नहीं लगते। ये संस्कृत की धातुओं के रूप हैं, फिर भी स्कूल और परीक्षा में अयादि संधि का विच्छेद इसी रूप में लिखा जाता है।
अयादि संधि के उदाहरण (Ayadi sandhi ke udaharan)
| क्रम | शब्द | संधि विच्छेद | स्वरों का मेल |
|---|---|---|---|
| 1 | नयन | ने + अन | ए + अ = अय |
| 2 | शयन | शे + अन | ए + अ = अय |
| 3 | चयन | चे + अन | ए + अ = अय |
| 4 | नायक | नै + अक | ऐ + अ = आय |
| 5 | गायक | गै + अक | ऐ + अ = आय |
| 6 | गायन | गै + अन | ऐ + अ = आय |
| 7 | दायक | दै + अक | ऐ + अ = आय |
| 8 | गायिका | गै + इका | ऐ + इ = आयि |
| 9 | पवन | पो + अन | ओ + अ = अव |
| 10 | भवन | भो + अन | ओ + अ = अव |
| 11 | हवन | हो + अन | ओ + अ = अव |
| 12 | श्रवण | श्रो + अन | ओ + अ = अव |
| 13 | पवित्र | पो + इत्र | ओ + इ = अवि |
| 14 | पावक | पौ + अक | औ + अ = आव |
| 15 | पावन | पौ + अन | औ + अ = आव |
| 16 | धावक | धौ + अक | औ + अ = आव |
| 17 | नाविक | नौ + इक | औ + इ = आवि |
| 18 | भावुक | भौ + उक | औ + उ = आवु |
श्रवण में न की जगह ण इसलिए आया है क्योंकि र के बाद आने वाला न ण में बदल जाता है। यह व्यंजन संधि का एक नियम है।
इन शब्दों के अलग पेज भी देखें: नयन, नायक, गायक, पवन, पवित्र और पावक का संधि विच्छेद।
अयादि संधि का विच्छेद कैसे करें
- शब्द में अय, आय, अव, आव खोजें। जैसे नयन में नय, गायक में गाय, पवन में पव, पावक में पाव।
- अय को ए, आय को ऐ, अव को ओ और आव को औ में बदलकर पहला भाग लिखें: न + अय = ने, ग + आय = गै, प + अव = पो, प + आव = पौ।
- य या व के साथ जो स्वर है, वही दूसरे भाग का पहला स्वर बनता है: नयन में य के साथ अ है, इसलिए अन।
- विच्छेद लिखें: ने + अन, गै + अक, पो + अन, पौ + अक।
कठिन शब्दों के अर्थ
संधि विच्छेद याद रखना तब आसान होता है जब दोनों भागों का अर्थ समझ में आए। ऊपर के उदाहरणों के कुछ कठिन शब्दों के अर्थ नीचे दिए गए हैं।
- नयन: आँख
- शयन: सोना
- चयन: चुनना
- नायक: नेतृत्व करने वाला
- दायक: देने वाला
- श्रवण: सुनना
- पावक: आग
- पावन: पवित्र
- धावक: दौड़ने वाला
- नाविक: नाव चलाने वाला
- भावुक: भावना से भरा
परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें
परीक्षा में प्रश्न प्रायः इस रूप में आता है: भवन का संधि विच्छेद कीजिए और संधि का नाम लिखिए। पूरे अंक पाने के लिए उत्तर में तीन बातें लिखें: शब्द का विच्छेद, स्वरों या वर्णों का मेल, और संधि का पूरा नाम।
आदर्श उत्तर: भवन = भो + अन। यहाँ ओ + अ = अव हुआ है, इसलिए यह अयादि स्वर संधि है।
अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित)
नीचे दिए शब्दों का संधि विच्छेद स्वयं करके देखें, फिर उत्तर से मिलाएँ।
- गवेषण उत्तर: गो + एषण (ओ + ए = अवे), अयादि संधि।
- भविष्य उत्तर: भो + इष्य (ओ + इ = अवि), अयादि संधि।
- श्रावक उत्तर: श्रौ + अक (औ + अ = आव), अयादि संधि।
- शयन उत्तर: शे + अन (ए + अ = अय), अयादि संधि।
- गायिका उत्तर: गै + इका (ऐ + इ = आयि), अयादि संधि।
- स्वागत में अयादि संधि है या यण? उत्तर: यण संधि, क्योंकि सु + आगत में पहला स्वर उ है, ओ नहीं।
याद रखने की ट्रिक
ए = अय, ऐ = आय, ओ = अव, औ = आव। छोटा स्वर (ए, ओ) छोटे अ से (अय, अव), और बड़ा स्वर (ऐ, औ) बड़े आ से (आय, आव)। इसे ऐसे बोलकर याद करें: नयन, नायक, पवन, पावक।
सामान्य गलतियाँ
- पवन = प + वन या पव + अन गलत है। सही है पो + अन।
- नायक = ना + यक गलत है। सही है नै + अक।
- पावक = पा + वक गलत है। सही है पौ + अक।
- अयादि को यण संधि से मिलाना: यण में पहला स्वर इ, उ, ऋ होता है और य्, व्, र् आधे बनते हैं। अयादि में पहला स्वर ए, ऐ, ओ, औ होता है और अय, आय, अव, आव बनते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अयादि संधि के 10 उदाहरण बताइए।
नयन = ने + अन, शयन = शे + अन, नायक = नै + अक, गायक = गै + अक, पवन = पो + अन, भवन = भो + अन, पवित्र = पो + इत्र, पावक = पौ + अक, पावन = पौ + अन, नाविक = नौ + इक।
अयादि संधि किसे कहते हैं?
जब ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो ए का अय्, ऐ का आय्, ओ का अव् और औ का आव् हो जाता है। इसे अयादि संधि कहते हैं।
अयादि संधि का सूत्र क्या है?
अयादि संधि के चार सूत्र हैं: ए + भिन्न स्वर = अय्, ऐ + भिन्न स्वर = आय्, ओ + भिन्न स्वर = अव् और औ + भिन्न स्वर = आव्।
पवन में कौन सी संधि है?
पवन में अयादि स्वर संधि है। इसका विच्छेद पो + अन है, जिसमें ओ + अ = अव हुआ है।
नायक का संधि विच्छेद क्या है?
नायक का संधि विच्छेद नै + अक है। यहाँ ऐ + अ = आय हुआ है, इसलिए यह अयादि संधि है।