Dashanan Mein Kaun Sa Samas Hai: दशानन में बहुव्रीहि समास है। इसका समास विग्रह है: दस हैं आनन जिसके, अर्थात् रावण। कुछ स्थितियों में इसे द्विगु समास भी माना जाता है (दस आननों का समूह)।
दशानन: समास विग्रह
| समस्त पद | समास विग्रह | समास |
|---|---|---|
| दशानन | दस हैं आनन जिसके, अर्थात् रावण | बहुव्रीहि समास |
| दशानन | दस आननों का समूह | द्विगु समास |
पहचान कैसे करें
यहाँ दस मुख किसी तीसरे व्यक्ति रावण की ओर संकेत करते हैं, इसलिए बहुव्रीहि समास है। केवल दस मुखों का समूह अर्थ लें तो द्विगु होता है।
इसी तरह के उदाहरण
| शब्द | विग्रह | समास |
|---|---|---|
| पंकज | पंक में जन्म लेता है जो, अर्थात् कमल | बहुव्रीहि समास |
| जलज | जल में जन्म लेता है जो, अर्थात् कमल | बहुव्रीहि समास |
| बारहसिंगा | बारह हैं सींग जिसके, अर्थात् एक प्रकार का हिरण | बहुव्रीहि समास |
| मृगनयनी | मृग के समान नयन हैं जिसके, अर्थात् सुंदर आँखों वाली स्त्री | बहुव्रीहि समास |
और समास विग्रह
सभी भेद विस्तार से: समास और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Dashanan mein kaun sa samas hai?
दशानन में बहुव्रीहि समास है। इसे द्विगु समास भी माना जाता है।
दशानन का समास विग्रह क्या है?
दशानन का समास विग्रह है: दस हैं आनन जिसके, अर्थात् रावण।