Mahatma Mein Kaun Sa Samas Hai: महात्मा में कर्मधारय समास है। इसका समास विग्रह है: महान है जो आत्मा। कुछ स्थितियों में इसे बहुव्रीहि समास भी माना जाता है (महान है आत्मा जिसकी, अर्थात् ऊँचे विचारों वाला व्यक्ति)।
महात्मा: समास विग्रह
| समस्त पद | समास विग्रह | समास |
|---|---|---|
| महात्मा | महान है जो आत्मा | कर्मधारय समास |
| महात्मा | महान है आत्मा जिसकी, अर्थात् ऊँचे विचारों वाला व्यक्ति | बहुव्रीहि समास |
पहचान कैसे करें
पहला पद महान विशेषण है और आत्मा विशेष्य है, इसलिए कर्मधारय समास है। जब अर्थ महान आत्मा वाला व्यक्ति हो, तब बहुव्रीहि समास माना जाता है।
इसी तरह के उदाहरण
| शब्द | विग्रह | समास |
|---|---|---|
| नीलकमल | नीला है जो कमल | कर्मधारय समास |
| महापुरुष | महान है जो पुरुष | कर्मधारय समास |
| कालीमिर्च | काली है जो मिर्च | कर्मधारय समास |
| नीलगगन | नीला है जो गगन | कर्मधारय समास |
और समास विग्रह
सभी भेद विस्तार से: समास और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Mahatma mein kaun sa samas hai?
महात्मा में कर्मधारय समास है। इसे बहुव्रीहि समास भी माना जाता है।
महात्मा का समास विग्रह क्या है?
महात्मा का समास विग्रह है: महान है जो आत्मा।