Swagat Ka Sandhi Vichchhed: स्वागत का संधि विच्छेद है सु + आगत। इसमें यण स्वर संधि है, जिसका नियम है उ + आ = वा। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
स्वागत का संधि विच्छेद
| शब्द | स्वागत (swagat) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | सु + आगत |
| संधि का नाम | यण स्वर संधि |
| नियम | उ + आ = वा |
समझिए
सु के अंत का उ आगे भिन्न स्वर आ आने पर व् बन जाता है, इसलिए सु + आगत = स्वागत।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| अन्वित | अनु + इत |
| अन्वेषण | अनु + एषण |
| स्वच्छ | सु + अच्छ |
| अन्वय | अनु + अय |
और संधि विच्छेद
- पवन संधि विच्छेद
- विद्यालय संधि विच्छेद
- सूर्योदय संधि विच्छेद
- सदैव संधि विच्छेद
- विद्यार्थी संधि विच्छेद
- महोत्सव संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Swagat ka sandhi vichchhed kya hai?
स्वागत का संधि विच्छेद सु + आगत है।
स्वागत में कौन सी संधि है?
स्वागत में यण स्वर संधि है। नियम: उ + आ = वा।