Pavitra Ka Sandhi Vichchhed: पवित्र का संधि विच्छेद है पो + इत्र। इसमें अयादि स्वर संधि है, जिसका नियम है ओ + इ = अवि। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
पवित्र का संधि विच्छेद
| शब्द | पवित्र (pavitra) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | पो + इत्र |
| संधि का नाम | अयादि स्वर संधि |
| नियम | ओ + इ = अवि |
समझिए
पो के अंत का ओ आगे इ आने पर अव् बन जाता है और इ से मिलकर अवि होता है।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| पवन | पो + अन |
| नयन | ने + अन |
| भवन | भो + अन |
| नाविक | नौ + इक |
और संधि विच्छेद
- परीक्षा संधि विच्छेद
- प्रत्येक संधि विच्छेद
- उल्लास संधि विच्छेद
- अन्वेषण संधि विच्छेद
- अत्यधिक संधि विच्छेद
- नरेंद्र संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Pavitra ka sandhi vichchhed kya hai?
पवित्र का संधि विच्छेद पो + इत्र है।
पवित्र में कौन सी संधि है?
पवित्र में अयादि स्वर संधि है। नियम: ओ + इ = अवि।