Paryavaran Ka Sandhi Vichchhed: पर्यावरण का संधि विच्छेद है परि + आवरण। इसमें यण स्वर संधि है, जिसका नियम है इ + आ = या। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
पर्यावरण का संधि विच्छेद
| शब्द | पर्यावरण (paryavaran) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | परि + आवरण |
| संधि का नाम | यण स्वर संधि |
| नियम | इ + आ = या |
समझिए
परि के अंत का इ आगे भिन्न स्वर आ आने पर य् बन जाता है, इसलिए परि + आवरण = पर्यावरण।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| स्वागत | सु + आगत |
| इत्यादि | इति + आदि |
| अत्याचार | अति + आचार |
| अभ्यास | अभि + आस |
और संधि विच्छेद
- मनोहर संधि विच्छेद
- उज्ज्वल संधि विच्छेद
- अत्याचार संधि विच्छेद
- परोपकार संधि विच्छेद
- सज्जन संधि विच्छेद
- राजेंद्र संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Paryavaran ka sandhi vichchhed kya hai?
पर्यावरण का संधि विच्छेद परि + आवरण है।
पर्यावरण में कौन सी संधि है?
पर्यावरण में यण स्वर संधि है। नियम: इ + आ = या।