Manohar Ka Sandhi Vichchhed: मनोहर का संधि विच्छेद है मनः + हर। इसमें विसर्ग संधि है, जिसका नियम है अः + ह = ओ। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
मनोहर का संधि विच्छेद
| शब्द | मनोहर (manohar) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | मनः + हर |
| संधि का नाम | विसर्ग संधि |
| नियम | अः + ह = ओ |
समझिए
मनः के विसर्ग से पहले अ है और आगे घोष व्यंजन ह है, इसलिए विसर्ग ओ में बदल जाता है।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| मनोबल | मनः + बल |
| मनोरथ | मनः + रथ |
| तपोवन | तपः + वन |
| सरोवर | सरः + वर |
और संधि विच्छेद
- अत्यधिक संधि विच्छेद
- नरेंद्र संधि विच्छेद
- हिमालय संधि विच्छेद
- उज्ज्वल संधि विच्छेद
- अत्याचार संधि विच्छेद
- पर्यावरण संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Manohar ka sandhi vichchhed kya hai?
मनोहर का संधि विच्छेद मनः + हर है।
मनोहर में कौन सी संधि है?
मनोहर में विसर्ग संधि है। नियम: अः + ह = ओ।