Virochit Ka Sandhi Vichchhed: वीरोचित का संधि विच्छेद है वीर + उचित। इसमें गुण स्वर संधि है, जिसका नियम है अ + उ = ओ। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
वीरोचित का संधि विच्छेद
| शब्द | वीरोचित (virochit) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | वीर + उचित |
| संधि का नाम | गुण स्वर संधि |
| नियम | अ + उ = ओ |
समझिए
वीर के अंत का अ और उचित के आरंभ का उ मिलकर ओ बन जाते हैं।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| सूर्योदय | सूर्य + उदय |
| परोपकार | पर + उपकार |
| यथोचित | यथा + उचित |
| पुरुषोत्तम | पुरुष + उत्तम |
और संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Virochit ka sandhi vichchhed kya hai?
वीरोचित का संधि विच्छेद वीर + उचित है।
वीरोचित में कौन सी संधि है?
वीरोचित में गुण स्वर संधि है। नियम: अ + उ = ओ।