Rajendra Ka Sandhi Vichchhed: राजेंद्र का संधि विच्छेद है राजा + इंद्र। इसमें गुण स्वर संधि है, जिसका नियम है आ + इ = ए। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
राजेंद्र का संधि विच्छेद
| शब्द | राजेंद्र (rajendra) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | राजा + इंद्र |
| संधि का नाम | गुण स्वर संधि |
| नियम | आ + इ = ए |
समझिए
राजा के अंत का आ और इंद्र के आरंभ का इ मिलकर ए बन जाते हैं।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| नरेंद्र | नर + इंद्र |
| देवेंद्र | देव + इंद्र |
| यथेष्ट | यथा + इष्ट |
| महेंद्र | महा + इंद्र |
और संधि विच्छेद
- पर्यावरण संधि विच्छेद
- परोपकार संधि विच्छेद
- सज्जन संधि विच्छेद
- गायक संधि विच्छेद
- महेंद्र संधि विच्छेद
- वीरोचित संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Rajendra ka sandhi vichchhed kya hai?
राजेंद्र का संधि विच्छेद राजा + इंद्र है।
राजेंद्र में कौन सी संधि है?
राजेंद्र में गुण स्वर संधि है। नियम: आ + इ = ए।