Mahendra Ka Sandhi Vichchhed: महेंद्र का संधि विच्छेद है महा + इंद्र। इसमें गुण स्वर संधि है, जिसका नियम है आ + इ = ए। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
महेंद्र का संधि विच्छेद
| शब्द | महेंद्र (mahendra) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | महा + इंद्र |
| संधि का नाम | गुण स्वर संधि |
| नियम | आ + इ = ए |
समझिए
महा के अंत का आ और इंद्र के आरंभ का इ मिलकर ए बन जाते हैं।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| नरेंद्र | नर + इंद्र |
| देवेंद्र | देव + इंद्र |
| यथेष्ट | यथा + इष्ट |
| राजेंद्र | राजा + इंद्र |
और संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Mahendra ka sandhi vichchhed kya hai?
महेंद्र का संधि विच्छेद महा + इंद्र है।
महेंद्र में कौन सी संधि है?
महेंद्र में गुण स्वर संधि है। नियम: आ + इ = ए।