Sajjan Ka Sandhi Vichchhed: सज्जन का संधि विच्छेद है सत् + जन। इसमें व्यंजन संधि है, जिसका नियम है त् + ज = ज्ज। नीचे नियम, समझाने का तरीका और इसी नियम से बने दूसरे शब्द दिए गए हैं।
सज्जन का संधि विच्छेद
| शब्द | सज्जन (sajjan) |
|---|---|
| संधि विच्छेद | सत् + जन |
| संधि का नाम | व्यंजन संधि |
| नियम | त् + ज = ज्ज |
समझिए
सत् का त् आगे ज आने पर ज् बन जाता है, इसलिए सत् + जन = सज्जन।
संधि विच्छेद करते समय शब्द को उस जगह से तोड़ें जहाँ दो ध्वनियाँ मिली हैं, फिर देखें कि मिलने पर कौन सा बदलाव हुआ। यही बदलाव संधि का प्रकार बताता है।
इसी नियम से बने शब्द
| शब्द | संधि विच्छेद |
|---|---|
| उल्लास | उत् + लास |
| उज्ज्वल | उत् + ज्वल |
| सन्मार्ग | सत् + मार्ग |
| सदाचार | सत् + आचार |
और संधि विच्छेद
- अत्याचार संधि विच्छेद
- पर्यावरण संधि विच्छेद
- परोपकार संधि विच्छेद
- राजेंद्र संधि विच्छेद
- गायक संधि विच्छेद
- महेंद्र संधि विच्छेद
नियम विस्तार से: संधि और उसके भेद।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Sajjan ka sandhi vichchhed kya hai?
सज्जन का संधि विच्छेद सत् + जन है।
सज्जन में कौन सी संधि है?
सज्जन में व्यंजन संधि है। नियम: त् + ज = ज्ज।